कश्मीर को लेकर बौखलाए पाकिस्तान ने भारत से तोड़े व्यापारिक रिश्ते

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 08-08-2019 / 2:30 PM
  • Update Date: 08-08-2019 / 2:30 PM

नई दिल्ली। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने और सूबे के पुनर्गठन के विरोध में भारत से कारोबार को सस्पेंड करने का फैसला लिया है। भले ही पाकिस्तान ने इसके जरिए विरोध जताने का फैसला लिया है, लेकिन यह कदम भारत की बजाय उसे ही ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाला है।

इसकी वजह यह है कि पाकिस्तान पर भारत की निर्भरता खासी कम है, जबकि पड़ोसी मुल्क रोजमर्रा की जरूरत की तमाम चीजें भारत से मंगाता है। पाकिस्तान के नेताओं ने लगातार उटपटांग बयान दे रहे थे। इसके साथ ही इमरान खान के मंत्री ने युद्ध तक की धमकी दे दी थी। इतना ही नहीं पाकिस्तान के संसद में भारत के बारे में ही जिक्र हो रही थी।

अब पाकिस्तान ने बड़ा फैसला लिया है। कश्मीर मुद्दे पर बौखलाए पाकिस्तान ने भारत से राजनयिक संबंधों में कमी कर दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की बैठक के बाद पाकिस्तान ने फैसला करते हुए भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगा दी है।

इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारत से सभी व्यापारिक रिश्ते तोड़ दिए हैं। वहीं अब पाकिस्तान भारत के साथ द्विपक्षीय समझौतों की समीक्षा करेगा। साथ ही कश्मीर मामले को यूएन में ले जाने की पाकिस्तान ने धमकी दी है। इसके अलावा पाकिस्तान भारत के राजदूत को भी वापस भेजेगा।

वहीं इससे पहले इमरान खान के मंत्री फवाद चौधरी ने भारत के साथ राजनयिक संबंध खत्म करने की धमकी दी थी। पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि मैं विदेश मंत्री से अनुरोध करता हूं कि जब भारत को हमसे बात करने में कोई दिलचस्पी नहीं है, तो उनके दूत अभी भी पाकिस्तान में क्यों हैं? हमें उनके साथ राजनयिक संबंधों को खत्म कर देना चाहिए। उनके दूत के यहां होने और हमारे दूत के वहां होने का क्या फायदा है?

टमाटर और प्याज तक के लिए भारत के भरोसे पाकिस्तान
पाकिस्तान की ओर से भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा नहीं दिया गया था, इसके चलते सीमित चीजों का एक्सपोर्ट ही भारत कर पाता था। ऐसे में पाकिस्तान के ही यह फैसला नुकसानदेह साबित हो सकता है क्योंकि वह तमाम कृषि उत्पादों के लिए भी भारत पर निर्भर रहा है।

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड के प्रफेसर राकेश मोहन जोशी के मुताबिक पाकिस्तान का बिजनस कारोबार को प्रभावित करने वाला है। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के प्रफेसर बिस्वजीत धर कहते हैं कि लॉन्ग टर्म की बात हो या फिर शॉर्ट टर्म की इस फैसले से पाकिस्तान ही ज्यादा प्रभावित होगा। इसकी वजह यह है कि वह टमाटर और प्याज तक के लिए भारत पर निर्भरता रखता है।

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