कश्मीर के लोगों से हमारे रिश्ते पहले 70-80 के दशक जैसे ही है: आर्मी चीफ

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 13-08-2019 / 2:12 PM
  • Update Date: 13-08-2019 / 2:12 PM

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा हुए फैसले के बाद सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। अनुच्छेद 370 पर हुए फैसले के बाद सेना प्रमुख ने कहा कि अगर घाटी में सब ठीक रहा तो हम कश्मीर के लोगों से फिर बिना बंदूक के मुलाकात करेंगे। इसके अलावा पाकिस्तान द्वारा लगातार दी जा रही धमकियों पर सेना प्रमुख जनरल रावत ने कहा है कि इस पर ज्यादा ध्यान देने या गंभीर होने की जरूरत नहीं है।

पाकिस्तान की धमकियों के बीच जनरल रावत ने कहा कि अगर पड़ोसी देश नियंत्रण रेखा पर सक्रियता बढ़ाना चाहता है तो यह उसका फैसला है। हर इंसान एहतियात के तौर पर जवानों की तैनाती करता है और हमें इससे ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है। जहां तक सेना और अन्य एजेंसियों का सवाल है, हमें हर स्थिति के लिए हमेशा तैयार रहना होता है। सेना प्रमुख का यह बयान उस वक्त आया है कि जब आर्टिकल 370 हटाने के भारत सरकार के फैसले से आग-बबूला हुआ पाकिस्तान लगातार उकसाने वाली हरकतें कर रहा है।

वहीं अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर जनरल रावत ने कहा कि हम चाहते हैं कि कश्मीर के लोगों से हमारे रिश्ते 70 और 80 के दशक जैसे हों। उस वक्त भी हम वहां तैनात रहते थे और लोगों से हमारी मुलाकात बिना बंदूक के होती थी। हम चाहते हैं कि वह वक्त फिर वापस लौटे और कश्मीर के लोगों से हमारी मुलाकात बिना बंदूक के हो और अगर सब ठीक रहा तो ऐसा जरूर होगा।

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान लद्दाख सीमा के पास युद्ध के साजो-सामान भी जुटाने लगा है। सरकारी सूत्रों ने बताया, ‘केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख की सीमा के पार पाकिस्तान स्थित स्कर्दू इलाके में शनिवार को पाकिस्तान एयरफोर्स के तीन सी-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से युद्धक सामान लाए गए। भारत की खुफिया एंजेसियां, एयर फोर्स और आर्मी पाकिस्तानी एयर फोर्स की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए है। स्कर्दू पाकिस्तान एयर फोर्स का सैन्य अभियान की अग्रिम चौकी है जिसका इस्तेमाल वह भारत के साथ लगी सीमा पर आर्मी ऑपरेशनों की मदद के लिए करता है।

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