सावन में शिव जी को चढ़ाएं बेलपत्र, मिलेगे चमत्कारी परिणाम

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 01-08-2018 / 11:11 PM
  • Update Date: 01-08-2018 / 11:11 PM

बेल नामक वृक्ष की पत्तियों को बेलपत्र कहा जाता है। तीन पत्तियाँ एक ही प्रकार से जुडी होती हैं और इनको एक पत्ता माना जाता है। भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र के अदभुत प्रयोग होते हैं। बिना बेलपत्र के शिव जी की पूजा सम्पूर्ण नहीं हो सकती। बेलपत्र के दैवीय प्रयोग के अलावा, औषधीय प्रयोग भी होते हैं। इसके प्रयोग से तमाम बीमारियाँ गायब की जा सकती हैं। सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा बेलपत्र के साथ करने से चमत्कारी परिणाम मिल सकते हैं।

बेलपत्र का चुनाव कैसे करें-

एक बेलपत्र में तीन पत्तियाँ होनी चाहिए।
पत्तियाँ टूटी हुई न हों और उनमे छेद भी नहीं होना चाहिए।
बेलपत्र जब भी शिव जी को अर्पित करें, चिकनी तरफ से ही चढाएं।
एक ही बेलपत्र को जल से धोकर बार बार भी चढ़ा सकते हैं।
बिना जल के बेलपत्र अर्पित नहीं करना चाहिए, जब भी बेलपत्र अर्पित करें साथ में जल की धारा जरूर चढ़ाएं।

अगर विवाह में काफी विलम्ब हो रहा हो तो बेलपत्र का ये प्रयोग करें-

108 बेलपत्र ले लें।
हर बेलपत्र पर चन्दन से राम लिखें।
ॐ नम: शिवाय कहते हुये बेलपत्र को शिव लिंग पर चढाते जाएँ।
जब 108 बेल पत्र चढ़ा लें तो शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें।
यह प्रयोग सावन में विशेष फलदायी होता है।

अगर स्वास्थ्य की गंभीर समस्या हो तो बेलपत्र का ये प्रयोग करें-

सावन में किसी भी दिन 108 बेलपत्र ले लें।
एक पात्र में चन्दन का इत्र ले लें।
अब एक एक बेलपत्र चन्दन में डुबाते जाएँ और शिवलिंग पर अर्पित करते जाएँ।
हर बेलपत्र के साथ ॐ हौं जूं स: कहें।
इसके बाद शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करें।

अगर संतान न हो पा रही हो तो बेलपत्र का ये प्रयोग करें-

उतने बेलपत्र ले लें, जितनी आपकी उम्र है।
एक पात्र में दूध ले लें।
एक एक बेलपत्र दूध में डुबाते जाएँ और शिवलिंग पर अर्पित करें।
हर बेलपत्र के साथ ॐ नमो भगवते महादेवाय कहें।
इसके बाद संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें।
यह प्रयोग सावन में किसी भी दिन करें।

बेलपत्र के ये आयुर्वेदिक प्रयोग-

आँखों की ज्योति बढ़ाने के लिए, बेल के पत्तों का रस आँखों में टपकाने से राहत मिलती है।
कफ से राहत पाने के लिए बेल के पत्तों का काढ़ा शहद में मिलाकर पीना उत्तम होता है।
बेलपत्र के ग्यारह पत्तों का रस निकालकर सुबह सुबह पीने से, कितना ही पुराना सर दर्द क्यों न हो, ठीक हो जाता है।

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