निर्भया केस: दया याचिका खारिज होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा दोषी मुकेश

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 25-01-2020 / 4:27 PM
  • Update Date: 25-01-2020 / 4:27 PM

नई दिल्ली। दिल्ली में साल 2012 के निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में सभी चार दोषियों को एक फरवरी को सुबह 6 बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जानी है। इससे पहले दोषी फांसी से बचने के लिए तरह-तरह की तरकीबें अपना रहे हैं। राष्ट्रपति से दया याचिका खारिज होने के बाद निर्भया का एक दोषी मुकेश फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जहां उसने राष्ट्रपति के फैसले को चुनौती दी है।

मुकेश ने अपनी याचिका में कहा है कि जिस तेजी से दया याचिका पर फैसला लिया गया। उससे लगता है कि राष्ट्रपति ने याचिका में लिखी बातों पर ठीक से विचार किए बिना उसे खारिज किया है। बता दें कि राष्ट्रपति ने इस महीने की शुरुआत में मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी थी।

इससे पूर्व शनिवार को निर्भया गैंगरेप केस के दोषियों को एक बार फिर कोर्ट से राहत नहीं मिली। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को आदेश में कहा कि जेल प्रशासन की तरफ से सभी दस्तावेज दिए जा चुके है और ऐसे में किसी भी प्रकार के आदेश की जरूरत नहीं है। इसके साथ दोषियों के वकील एपी सिंह की ओर से दायर अर्जी का कोर्ट ने निपटारा भी कर दिया।

दरअसल, दो दोषियों ने अर्जी में कहा था कि जेल प्रशासन ने उन्हें दस्तावेज नहीं दिए। दोषियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान जेल प्रसाशन की तरफ से कोर्ट कोर्ट बताया गया कि दोषियों की तरफ से मांगे गए दस्तावेज उनको दे दिए गए है। तिहाड़ जेल प्रशासन ने कोर्ट में कहा कि निर्भया के दोषी जानबूझकर इस मामले में देरी करना चाहते है और उनकी ये याचिका महज़ एक “देरी कराने की चाल” है और कुछ नहीं, क्योंकि दस्तावेज उन्हें पहले ही दिए जा चुके है।

उधर, तिहाड़ जेल सूत्रों के मुताबिक निर्भया के दोषियों के परिवार वालों को तिहाड़ जेल प्रशासन ने पत्र लिखा था। अपने पत्र में लिखा था कि दोषियों को 1 फरवरी की सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा। उससे पहले अगर कोई परिवार का सदस्य या रिश्तेदार दोषियों से अंतिम मुलाकात करना चाहता है तो कर सकता है। निर्भया के चारों गुनहगारों की अंतिम इच्‍छा का तिहाड़ जेल प्रशासन को अभी भी इंतजार है। सूत्रों के मुताबिक दोषियों ने अभी तक अपनी अंतिम इच्‍छा नहीं बताई है।

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