अब रामायण को लेकर नेपाल के विदेश मंत्री का बेतुका बयान, कहा- नहीं है पुख्ता प्रमाण…

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 15-07-2020 / 4:40 PM
  • Update Date: 15-07-2020 / 4:40 PM

नई दिल्ली। पहले अयोध्या को लेकर नेपाल के पीएम ओपी शर्मा ओली की बदजुबानी सामने आई तो उसके बचाव में पूरा महकमा जुट गया। कल इस पर विदेश मंत्रालय की तरफ से सफाई भी आ गई की हमारा उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है। अब उसी नेपाली विदेश मंत्रालय के मुखिया यानि वहां के विदेश मंत्री प्रवीण ज्ञावली ने भी आपत्तिजनक बयान दिया है।

नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञावली ने विवादित बयान देते हुए कहा कि रामायण सभ्यता पर अभी भी अध्ययन चल रहा है। ऐसे में इसकी कोई प्रामाणिकता नहीं है। ज्ञवाली ने कहा कि रामायण सभ्यता पर अभी भी नेपाल और भारत में अध्ययन चल रहा है और अब तक सिर्फ विश्वास के आधार पर ही हम सभी बातों को मानते आ रहे हैं।

ज्ञवाली ने कहा कि हमें यही बताया गया कि सीता का जन्म जनकपुर में हुआ और राम का जन्म अयोध्या में हुआ, लेकिन जिस दिन इस पर अनुसंधान से कुछ और साबित हो जाएगा तब रामायण का इतिहास ही बदल जाएगा। लोगों की भावना से जुड़ी हुई बातें है इसलिए इस पर हम अभी बहुत कुछ नहीं बोलना चाहते हैं।

विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञवाली ने कहा, जहां तक मैं समझता हूं, रामायण सभ्यता की पुरातात्विक अध्ययन को पुष्टि करने के लिए हमारे पास अभी भी पर्याप्त प्रमाण नहीं है। अब तक हमारे परम्परागत विश्वास के आधार पर, हमारी आस्था के आधार पर हम यही कहते आ रहे हैं कि सीता का जन्म जनकपुर में हुआ था, उनकी शादी राम के साथ अयोध्या में हुई।

ज्ञवाली ने कहा, रामायण में चर्चा में रहे स्थान कहां-कहां है? इस बात पर दोनों देशों में अभी भी चर्चा चल ही रही है। इसके सांस्कृतिक भूगोल को अंतिम रूप देना बाकी है। जैसे बुद्ध को लेकर हमारे पास लिखित और अन्य आधार पर पुष्टि करने का प्रमाण है, लेकिन रामायण को लेकर ऐसा नहीं है।

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