तुम्हारा स्वागत है मां तुम आओ…

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 21-09-2017 / 3:06 PM
  • Update Date: 01-10-2017 / 3:41 PM

सिंह की सवार बनकर
रंगों की फुहार बनकर
पुष्पों की बहार बनकर
सुहागन का श्रंगार बनकर
*तुम्हारा स्वागत है मां तुम आओ*

खुशियां अपार बनकर
रिश्तों में प्यार बनकर
बच्चों का दुलार बनकर
समाज में संस्कार बनकर

*तुम्हारा स्वागत है मां तुम आओ*
रसोई में प्रसाद बनकर
व्यापार में लाभ बनकर
घर में आशीर्वाद बनकर
मुंह मांगी मुराद बनकर
*तुम्हारा स्वागत है मां तुम आओ*

संसार में उजाला बनकर
अमृत रस का प्याला बनकर
पारिजात की माला बनकर
भूखों का निवाला बनकर

*तुम्हारा स्वागत है मां तुम आओ*
शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी बनकर
चंद्रघंटा, कूष्माण्डा बनकर
स्कंदमाता, कात्यायनी बनकर
कालरात्रि, महागौरी बनकर
माता सिद्धिदात्री बनकर

*तुम्हारा स्वागत है मां तुम आओ*
तुम्हारे आने से नव-निधियां
स्वयं ही चली आएंगी
तुम्हारी दास बनकर
*तुम्हारा स्वागत है मां तुम आओ*

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