‘आपकी नज़रों ने समझा’ शो में अपने किरदार के लिए मैंने साल 1980 में आई नसीरुद्दीन शाह और शबाना आज़मी स्टारर

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 23-02-2021 / 4:50 PM
  • Update Date: 23-02-2021 / 4:50 PM

हिंदी फिल्म ‘स्पर्श’ से ली प्रेरणा – विजेंद्र कुमेरिया

मैं इस किरदार के लिए मस्क्यूलर फ़ीजीक के साथ नहीं जाना चाहा रहा था जिसके चलते ख़ास तौर पर मैंने अपना वजन कम किया है – विजेंद्र कुमेरिया

हाल ही में हुए अपने कई हिट लॉन्चेस के बाद दर्शकों को लुभाने के लिए, स्टार प्लस ने चर्चित प्रोडक्शन हाउस फुल हाउस मीडिया के साथ एक नया फिक्शन शो लाने की तैयारी कर ली है, जिसका शीर्षक है ‘आपकी नज़रों ने समझा’। यह अपकमिंग शो दो अलग-अलग जिंदगियों की कहानी बयां करता है, जिन्हें किस्मत एक दूसरे की ताकत बना देती है। गुजरात में स्थापित, इस शो में विजेंद्र कुमेरिया (दर्श के रूप में) और ऋचा राठौर (नंदिनी के रूप में) मुख्य भूमिकाओं में नज़र आएँगे। बात करें विजेंद्र की तो टीवी इंडस्ट्री में अपने पिछले प्रोजेक्ट्स में बहुमुखी किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीतने वाले ये अभिनेता एक बार फिर दर्शकों के दिलों पर राज करने लौट रहे हैं।

अभिनेता विजेंद्र कुमेरिया से हुई ख़ास बातचीत के प्रमुख अंश:

स्टार प्लस पर आने वाले अपने अपकमिंग शो के बारे में कुछ बताएं ?

सरल शब्दों में कहूं तो ‘आपकी नज़रों ने समझा’ यह शो दो अलग-अलग जिंदगियों की कहानी बयां करता है, जिन्हें किस्मत एक दूसरे की ताकत बना देती है। दूसरी ओर दर्श हैं जो अपने जीवन में विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए दिखाई देते हैं क्योंकि वह नेत्रहीन हैं। जबकि नंदिनी (ऋचा राठौर द्वारा अभिनीत किरदार) शो में एक साधारण और सेल्फ मेड लड़की के रूप में नज़र आएंगी। कहानी का सार बस इतना है कि हर किसी को प्यार करने और प्यार पाने का अधिकार है।

इस शो में काम करने के दौरान एक कलाकार के रूप में आपने क्या नई चीजें खोजीं ?

अब तक, इस शो में दर्श का किरदार मेरे अभिनय करियर में अब तक के सबसे चुनौती पूर्ण भूमिकाओं में से एक है। एक अभिनेता के रूप में मैंने इस बात को महसूस किया कि मैं बेहतर परफॉर्मेंस दे पा रहा हूं, वहीं मैं एक नए और यूनिक किरदार को निभाने के लिए बिलकुल तैयार भी हूँ। ऐसी स्थिति में, मैं परफेक्शनिस्ट बनने की दिशा में जमकर मेहनत करने का भी इरादा रखता हूँ।

‘आपकी नज़रों ने समझा’ शो में अपने किरदार के बारे में कुछ बताएं ?

दर्श एक ऐसा व्यक्ति है जिसने कुछ वर्षों पहले एक दुर्घटना में अपनी आँखें खो दी थी। वह एक ऐसे व्यक्ति भी हैं जो अभी भी बहुत जीवंत हैं और अपना जीवन अपनी शर्तों पर और अपनी वास्तविकता के साथ जी रहे हैं और उनकी विकलांगता उनके जीवन के उत्साह ख़तम करने में नाकाम रही है।

क्या आपने अपने यूनिक किरदार के लिए किसीसे प्रेरणा ली है ?

मैंने विभिन्न फिल्मों को देखकर अपने किरदार के लिए प्रेरणा ली है, जिसमें नेत्रहीन नायक शामिल हैं जैसे ‘स्पर्श’ (साल 1980 में आई नसीरुद्दीन शाह और शबाना आज़मी स्टारर फिल्म) (1980’s Bollywood Film starring Naseeruddin Shah and Shabana Azmi in lead roles) और ‘सेंत ऑफ़ अ वूमन’ (साल 1992 में आई वेटरन और मेथड एक्टर माने जाने वाले अल-पसीनो द्वारा अभिनीत एक अमेरिकी ड्रामा फिल्म) (1992 American Drama Film starring Veteran & Method Actor Al Pacino) और अन्य फ़िल्में कई फ़िल्में भी देखि। इन महान कलाकारों के काम को देखकर निश्चित रूप से मुझे अपने किरदार को सही दिशा में लेकर जाने में मदद मिली है। हालांकि हर किरदार एक दुसरे से अलग होता है इसलिए मैंने उन्हें कॉपी न करने और अपने किरदार के नैरेशन के अनुसार उसे निभाने का फैसला किया है ।

ऐसा क्या है इस शो में जो इसे अन्य शोज़ से अलग बनाता है ?

हमारे शो का सबसे अच्छा पार्ट यह है कि इसकी ट्रीटमेंट बहुत ही सरल और मीठी रखी गई है। कोई भी ओवर-द-टॉप ड्रामा या ऐसा कुछ भी नहीं है जी इसकी ख़ासियत में से जुड़ता है।

इस शो में अपने किरदार के लिए आपने क्या ख़ास तैयारियाँ की हैं ?

इस बार, मैंने मस्क्यूलर फ़ीजीक के साथ नहीं जाने की कोशिश की है और इस किरदार के लिए विशेष रूप से वजन कम किया है। इसके साथ ही मैंने अपने किरदार को बहुत करीब से परखा है और आवश्यक बॉडी लैंग्वेज चुनने की कोशिश की है। इसके अलावा, मैं अपनी छवि को शांत प्रदर्शित करने के लिए मेडिटेशन करता हूँ।

इन कुछ सालों में एक अभिनेता के रूप में आप अपने विकास के बारे में कुछ बताएं ?

नई चीजें सीखने के साथ यह वास्तव में बहुत शानदार जर्नी रही है। मैं निश्चित रूप से एक अच्छे अभिनेता के रूप में विकसित हुआ हूं और मेरे काम में भी वह गुण दिखाई दिए हैं। मैंने प्रत्येक किरदार के प्रति एक अलग दृष्टिकोण बनाए रखा है साथ ही किसी किरदार को करने की समझ बीते हर दिन के साथ बढ़ी है। मैं भाग्यशाली रहा हूं कि मुझे टीवी में हर बार एक अलग किरदार निभाने का मौका मिला, जो मुझे हर दिन कड़ी मेहनत करने में सक्षम बनाता है।

साल 2021 के लिए आपका क्या एजेंडा है?

साल 2021 के लिए मेरा एजेंडा यह है कि मैं इस मौके का सही इस्तेमाल करते हुए दर्श की भूमिका को अच्छे से निभा सकूँ और अपनी परफॉर्मेंस के जरिए लोगों को खुश करूँ ताकि वे आने वाले वर्षों में मेरे किरदार को याद करें।

इन दिनों में आप खुद को कैसे फिट रख रहे हैं ?

इस वक्त मैं साफ खाना खाने और फिटनेस एक्टिविटी में वॉकिंग, जॉगिंग करने पर पूरा ध्यान दे रहा हूँ साथ ही बॉडीवेट एक्सरसाइज बाहर करने की बजाय घर पर कर रहा हूँ।

इस किरदार को निभाते हुए आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा ?

इस शो में मेरा दर्श का किरदार अब तक के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण किरदारों में से एक है लेकिन मैं इसे बहुत अच्छे से हैंडल कर पा रहा हूँ। अपनी रिहर्सल के दौरान मैं लगभग 2 से 3 रूपांतरों पर अभ्यास करता हूँ और अंत में जो सबसे बेस्ट होता है उसे अपने किरदार में उतारता हूँ। ऐसा करने से मुझे अपने किरदार को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

अपनी सह-कलाकार ऋचा राठौर के साथ अपने बांड के बारे में कुछ बताएं ?

ऋचा एक मेहनती लड़की हैं और वह बहुत अच्छा काम कर रही हैं हालाँकि हमने एक साथ अब तक इतनी ज्यादा शूटिंग नहीं की है। हम दोनों बहुत फ्रेंडली हैं और काम को लेकर हमारी आपसी अंडरस्टेंडिंग बहुत अच्छी है।

आप अपने आप को अगला क्या करते हुए देखना चाहते हैं ?

फिलहाल, मेरा पूरा ध्यान मेरे अपकमिंग शो ‘आपकी नज़रों ने समझा’ पर है।

क्या आप भाग्य पर विश्वास करते हैं क्योंकि यह शो दर्शकों को भाग्य पर विश्वास करना सिखाएगा ?

हां, मैं भाग्य में विश्वास करता हूं, लेकिन मैं इसपर पूरी तरह से निर्भर नहीं रहता।

गुजरात के द्वारका शहर में हुई आपके शो की शूटिंग के दौरान आपका अनुभव कैसा रहा ?

मेरे लिए यह वास्तव में बहुत बढ़िया अनुभव रहा और एक चुनौतीपूर्ण आउटडोर शूट भी था। इस शहर के लोगों ने हमारा बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया और हमें बहुत प्यार दिया। हमने यहाँ के सुंदर स्थानों को खूब घूमा और यहाँ के विभिन्न व्यंजनों का भी आनंद लिया।

अपने शो को इस न्यू नार्मल के बीच शूट करते हुए कैसा महसूस हो रहा है?

अब हर कोई इस नए सामान्य के अनुकूल हो चुका है। बल्कि मैंने लॉकडाउन के समाप्त होने के ठीक बाद अपने पिछले शो के लिए शूटिंग की और यह मेरे लिए बहुत बढ़िया अनुभव रहा। हालाँकि, सुरक्षा नियमों का हमेशा पालन किया जाना चाहिए और सभी को इसकी प्रैक्टिस होनी चाहिए।

आपने लॉकडाउन के दौरान अपना समय कैसे बिताया?

इस दौरान मुझे अपने परिवार के साथ बहुत सारा समय बिताने का मौका मिला साथ ही मैंने खाना पकाना भी सीखा, रीडिंग करना, पेंटिंग करने की भी कोशिश की। इसके अलावा, कुछ स्क्रिप्ट्स भी लिखीं, घर पर एक शॉर्टफिल्म की शूटिंग भी की और मैंने वो सब कुछ किया जो मैं शूटिंग के हेक्टिक शेड्यूल के कारण मैंने मिस कर दिया था।

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