मुस्लिम विद्वान भी थे आईएस के निशाने पर : एनआईए

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 18-09-2017 / 11:05 PM
  • Update Date: 18-09-2017 / 11:05 PM

लखनऊ। आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के लखनऊ मॉड्यूल के बारे में नई जानकारी सामने आई है। इसके अनुसार आईएस के निशाने पर शिया, बरेलवी और देवबंदी संप्रदाय के मुस्लिम विद्वान शामिल थे। इस बात का खुलासा 31 अगस्त को एनआईए के मॉड्यूल सदस्यों के खिलाफ लखनऊ कोर्ट में दायर की गई चार्जशीट में हुआ।

चार्जशीट के अनुसार, ‘आईएस के निशाने पर लखनऊ के दो वरिष्ठ धर्म नेता थे जिनके नाम सुरक्षा कारणों से जाहिर नहीं किए गए हैं।’ गौरतलब है कि मॉड्यूल के सात सदस्यों को सात मार्च को हुए उज्जैन-भोपाल ट्रेन ब्लास्ट के बाद गिरफ्तार किया गया था और अगले दिन उनमें से एक सैफुल्लाह मुठभेड़ में मारा गया था।

एनआईए की चार्जशीट के अनुसार, खोजबीन में यह पाया गया कि आरोपित आईएस सदस्यों ने भारत में आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रची थी और यहां शिया, बरेलवी और देवबंदी जैसे अलग-अलग संप्रदाय के मुस्लिम विद्वानों को निशाना बनाया था।

वहाबी सिद्धांत का पालन किया

मुस्लिमों के अलावा गैर मुस्लिम लोग भी आईएस के निशाने पर थे। एनआईए ने यह भी बताया कि मॉड्यूल ने सुन्नी इस्लाम के वहाबी सिद्धांत का पालन किया था और उनके अनुसार जो मुसलमान इसके सिद्धांतों से सहमत नहीं हैं, वे काफिर और धर्मत्यागी हैं।

एनआईए के एक अफसर ने बताया, ‘उनके कब्जे से जो सामग्री बरामद हुई हैं उनमें सिर्फ हथियार, गोला-बारूद या विस्फोटक पदार्थ नहीं है बल्कि जो वीडियो, फोटोग्राफ, साहित्य और प्रवचनों की रिकॉर्डिंग मिली हैं वो खलीफा के विचारों का विरोध करने वाले मुस्लिम विद्वानों के खिलाफ खतरनाक मंसूबे को जाहिर करते हैं। चार्जशीट के अनुसार ही पिछले साल आठों आरोपियों ने खलीफा के विचारों का विरोध करने वाले मुस्लिम व्यक्तियों को खत्म की शपथ ली थी।

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