अब बिना UPSC पास किए मोदी सरकार में बन सकते हैं ज्वाइंट सेक्रेटरी

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 12-06-2018 / 8:57 AM
  • Update Date: 12-06-2018 / 8:57 AM

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने नौकरशाही में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है, जिसमें पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के टैलेंट को भी महत्व दिया जाएगा। दरअसल सरकार ने लैटरल एंट्री के माध्यम से 10 जॉइंट सेक्रेटरी पद के लिए अधिसूचना जारी करते हुए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

सरकार के इस फैसले के बाद अब संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित होने वाली सिविल सर्विसेज परीक्षा पास किए बिना भी योग्य उम्मीदवार सरकार में वरिष्ठ अधिकारी बन सकते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार इन पदों के लिए वे लोग अप्लाई कर सकते हैं, जिनकी उम्र 1 जुलाई तक 40 साल हो गई है।

अधिकतम उम्र की सीमा तय नहीं की गई है। उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होना आवश्यक है। उम्मीदवार को किसी सरकारी, पब्लिक सेक्टर यूनिट, यूनिवर्सिटी के अलावा किसी प्राइवेट कंपनी में 15 साल काम का अनुभव होना भी आवश्यक है। 30 जुलाई तक आवेदन तक मांगे गए हैं।

तीन साल का होगा टर्मडी
ओपीटी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मंत्रालयों में जॉइंट सेक्रटरी के पद पर नियुक्ति होगी। इनका टर्म 3 साल का होगा और अगर अच्छा प्रदर्शन हुआ तो 5 साल तक के लिए इनकी नियुक्ति की जा सकती है। इनका वेतन केंद्र सरकार के अंतर्गत जॉइंट सेक्रटरी वाला होगा। सारी सुविधा उसी अनुरूप ही मिलेगी। इन्हें सर्विस रूल की तरह काम करना होगा और दूसरी सुविधाएं भी उसी अनुरूप मिलेंगी। मालूम हो कि किसी मंत्रालय या विभाग में जॉइंट सेक्रटरी का पद काफी अहम होता है और तमाम बड़े नीतियों को अंतिम रूप देने में या उसके अमल में इनका अहम योगदान होता है।

सिर्फ इंटरव्यू होगा
जॉइंट सेक्रटरी के चयन के लिए बस इंटरव्यू होगा और कैबिनेट सेक्रटरी के नेतृत्व में बनने वाली कमिटी इनका इंटरव्यू लेगी। योग्यता के अनुसार सामान्य ग्रेजुएट और किसी सरकारी, पब्लिक सेक्टर यूनिट, यूनिवर्सिटी के अलावा किसी प्राइवेट कंपनी में 15 साल काम का अनुभव रखने वाले भी इन पदों के लिए आवेदन दे सकते हैं।

सालों से लंबित था प्रस्ताव
– ब्यूरोक्रेसी में लैटरल ऐंट्री का पहला प्रस्ताव 2005 में ही आया था।
– तब इसे सिरे से खारिज कर दिया गया।
– 2010 में दूसरी प्रशासनिक सुधार रिपोर्ट में भी इसकी अनुशंसा की गई।
– 2016 में इसकी संभावना तलाशने के लिए एक कमेटी बनाई गई। कमेटी ने प्रस्ताव पर आगे बढ़ने की अनुशंसा की।

इन मंत्रालयों में होगी नियुक्ति
फाइनेंस सर्विस, इकोनॉमिक अफेयर्स, ऐग्रिकल्चर, रोड ट्रांसपोर्ट, शिपिंग, पर्यावरण, रिन्यूअबल एनर्जी, सिविल एविएशन और कॉमर्स।

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