पाक ने पहली बार माना- हाफिज अब बन चुका है बोझ, छुटकारा पाने में लगेगा वक्त

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 27-09-2017 / 6:38 PM
  • Update Date: 27-09-2017 / 6:39 PM

इस्लामाबाद। कई आतंकी संगठनों को पनाह देने वाले पाकिस्तान ने भी अब मान लिया है कि लश्कर-ए-तैयबा (जमात-उद-दावा) का संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद उनके लिए बोझ है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि हाफिज सईद पाकिस्तान के लिए बोझ है और इससे छुटकारा पाने में अभी वक्त लगेगा।

अमेरिका पर फोड़ा ठीकरा
हालांकि आसिफ ने न्यूयॉर्क में एशिया सोसाएटी सेमिनार के दौरान अमेरिका को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि कुछ सालों पहले यूएस इस आतंकी को अपने ‘खास’ लोगों में मानता था।

बोझ को दूरे करने में लगेगा वक्त
विदेश मंत्री ने ये भी कहा कि यह कहना बहुत आसान है कि पाकिस्तान हक्कानी, हाफिज सईद और लश्कर-ए-तैयबा का समर्थन कर रहा है। लेकिन वो देश के लिए बोझ है और हमने पहले भी कहा है यह हमारे लिए बोझ है, लेकिन हमें इस बोझ को दूर करने के लिए थोड़ा वक्त दीजिए। विदेश मंत्री ने कहा कि हमारे पास इस बोझ को कम करने के लिए पर्याप्त साधन नही हैं।

पहले तो यूएस में खातिरदारी की जा रही थी
आसिफ ने यह भी कहा कि, पाक को हक्कानी और हाफिद सईद के लिए दोषी मत ठहराइए। 20 से 30 साल पहले ये लोग आपके खास थे। उनकी व्हाइट हाउस में खातिरदारी की जा रही थी और अब आप पाकिस्तान को दरकिनार करते हैं, क्योंकि आपका कहना है कि हम इन्हें पनाह दे रहे हैं।

हाफिज की नजरबंदी एक महीने बढ़ी
वहीं पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अधिकारियों ने हाफिज सईद की नजरबंदी एक महीने के लिए बढ़ा दी है। पाक का कहना है कि उसकी गतिविधियां देश में शांति के लिए खतरा है।

31 जनवरी से है नजरबंद
बता दें कि जमात-उद-दावा का प्रमुख सईद इस वर्ष 31 जनवरी से नजरबंद है। हाफिज सईद के साथ पंजाब गृह विभाग ने उसके चार साथी अब्दुल्ला उबेद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी काशिफ हुसैन की नजरबंदी 25 सितम्बर के प्रभाव से 30 दिन के लिए बढ़ा दी है।

पाक में चुनाव लड़ने की योजना
गौरतलब है कि हाल ही में खबरें आई थी कि मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद का संगठन जमात-उद-दावा पाकिस्तान में स्वतंत्र है और पाकिस्तान में चुनाव लड़ने की योजना बना रहा है।

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