राजस्थान से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए मनमोहन सिंह

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 19-08-2019 / 8:46 PM
  • Update Date: 19-08-2019 / 8:46 PM

जयपुर। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को राजस्‍थान से राज्‍यसभा सदस्‍य चुन लिए गए। मनमोहन सिंह का चुनाव निर्विरोध हुआ है। चूंकि बीजेपी ने मनमोहन के खिलाफ कोई उम्‍मीदवार न उतारने का फैसला किया था इसलिए उम्‍मीदवारों के नाम वापस लेने की आखिरी तारीख बीतने के बाद उन्‍हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट करके पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को बधाई दी है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी मनमोहन सिंह को बधाईे देते हुए कहा कि राजस्थान के लिये यह गौरव का क्षण है कि आप यहां से सांसद बनकर राज्य के लोगों की चिंता करेंगे। मुख्य सचेतक महेश जोशी ने मनमोहन सिंह के जगह निर्वाचन का प्रमाण-पत्र लिया है। यह प्रमाण पत्र राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी प्रमिल कुमार माथुर ने उन्हें सौंपा है।

बीजेपी ने किया समर्थन
खास बात यह है कि कांग्रेस के धुर विरोधी बीजेपी ने भी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का समर्थन किया था। बीजेपी ने उनके खिलाफ किसी प्रत्याशी को नहीं उतारा था। हालांकि यह सीट बीजेपी की ही थी। राजस्थान बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मदन लाल सेनी के आकस्मित मौत के बाद यह सीट खाली हुई थी।

इससे पहले मनमोहन सिंह असम से लंबे समय से राज्यसभा सांसद रहे है। लेकिन उनका कार्यकाल गत 14 जून को ही खत्म हो गया था। कांग्रेस लगातार कोशिश में जुटी थी कि पूर्व पीएम को राज्यसभा में भेजा जाए। ताकि पार्टी को ही नहीं देश को भी अनेक मुद्दों पर समय-समय पर सुझाव देने वाले मनमोहन सिंह को इसलिये बीजेपी ने राज्यसभा में समर्थन देकर उनके प्रति सम्मान भी जताया है।

असम से लगातार पांच बार राज्यसभा सांसद रहे
डॉ. मनमोहन सिंह का राज्यसभा में कार्यकाल 14 जून को खत्म हो गया था। वह असम से लगातार पांच बार राज्यसभा सांसद रहे हैं। डॉ. सिंह 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने 10 साल तक राज्यसभा में अगुआई की जबकि 6 साल विपक्ष के नेता भी रहे। वे आखिरी बार 2013 में राज्यसभा सदस्य चुने गए थे।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का राजस्थान से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना जाना लगभग तय था। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा था कि बीजेपी राजस्थान से राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी। राज्य विधानसभा का संख्या बल कांग्रेस के पक्ष में है।

राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं। कांग्रेस के पास 100 विधायक हैं जबकि उसके गठबंधन सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल का एक विधायक है। भारतीय जनता पार्टी के पास 72, बहुजन समाज पार्टी के पास छह, भारतीय ट्राइबल पार्टी, सीपीएम और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के पास दो- दो विधायक है। 13 निर्दलीय विधायक हैं तो दो सीट खाली हैं।

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