लखनऊ: सीएम ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे शिक्षा विभाग के कर्मचारियों पर लाठीचार्ज

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 11-10-2017 / 6:49 PM
  • Update Date: 11-10-2017 / 6:49 PM

लखनऊ। नौकरी की मांग को लेकर लंबे समय से भटक रहे मृतक आश्रित शिक्षकों के सब्र का बांध बुधवार को टूट गया। पूरे प्रदेश के जिलों से आये सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सीएम कार्यालय में सीएम कानून-व्यवस्था की मीटिंग ले रहे थे।

पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। तो पुलिस ने हंगामा काट रहे प्रदर्शनकारियों पर बर्बर तरीके से लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान भगदड़ में दर्जनों प्रदर्शनकारी चोटिल हो गए, वहीं कई लोग बेहोश भी हो गए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगे नहीं पूरी की गईं तो फिर सभी अनिश्चित कालीन हड़ताल के लिए लक्षमण मेला मैदान में बैठ जायेंगे।

सुबह से वार्ता के लिए टहला रहे थे अधिकारी

उत्तर प्रदेशीय मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष जुबैर अहमद ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत अध्यापकों के निधन के बाद उनके मृतक आश्रितों को नौकरी देने का विभाग में प्रावधान है। इसके तहत वर्ष 2011 तक इन पदों पर मृतक आश्रितों को शिक्षक बना दिया गया।

लेकिन इसके बाद से जितने मृतक आश्रित थे उन्हें चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की नौकरी दी गई। जबकि ये लोग काफी योग्यता और डिग्री (पीएचडी, एमएड, एलएलबी एमसीए) रखते हैं। प्रदर्शनकारियों को का कहना है कि योग्यता के आधार पर इन्हें शिक्षक बनाया जाये। पिछली सरकार में भी इन लोगों ने कई बार धरना-प्रदर्शन और भूखहड़ताल की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

आरोप है कि सुबह से जिम्मेदार अधिकारी सीएम से वार्ता कराने का आश्वासन दे रहे थे। इसके चलते ये सभी लोग लक्ष्मण मेला मैदान में धरना देने चले गए थे। लेकिन शाम तक कोई सकारात्मक निष्कर्ष ना निकलने पर सभी मुख्यमंत्री कार्यालय (एनेक्सी) कार्यालय के बाहर पहुंचे और शांति पूर्वक प्रदर्शन करने लगे। सभी प्रदर्शन कर ही रहे थे कि पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज कर दिया।

लाठीचार्ज में कई घायल, 8 गिरफ्तार

जुबैर के अनुसार, लाठीचार्ज में दर्जनों लोग घायल हो गए। भगदड़ में प्रदर्शनकारियों के जूते, चप्पल और सामान सड़क पर छूट गया। इस दौरान कई महिलाएं भी घायल हो गईं। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें बिजनौर के शशांक कौशिक, गाजियाबाद की इंदू, इलाहबाद के आशुतोष, गोरखपुर के मोहन के अलावा अन्य लोग हैं। इनके नाम अभी नहीं पता चल पाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अगर हमारी मांगे शीघ्र नहीं मानी तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

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