चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव को मिली जमानत, फिर भी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 12-07-2019 / 6:13 PM
  • Update Date: 12-07-2019 / 6:13 PM

रांची। राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। हालांकि, लालू फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। क्योंकि, चारा घोटाले के तीन मामलों में वह सजायाफ्ता हैं। ऐसे में जब तक दो अन्य मामलों में भी उनको जमानत नहीं मिलती है उनका जेल से बाहर आ पाना मुमकिन नहीं है।

लालू ने इसी साल 13 जून को झारखंड हाई कोर्ट में देवघर कोषागार मामले में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। 5 जुलाई को कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई की और प्रार्थी को अपना पक्ष रखने का आदेश दिया था। शुक्रवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने लालू की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया।

लालू को चारा घोटाले के दुमका, देवघर और चाईबासा कोषागार मामले में सीबीआई कोर्ट ने सजा सुनाई थी। ऐसे में चाईबासा-दुमका मामले में लालू को जमानत नहीं मिली है। हालांकि, बताया जा रहा है कि अब लालू के वकील देवघर कोषागार केस में मिली जमानत को आधार बनाकर दुमका-चाईबासा मामले में जमानत के लिए याचिका डाल सकते हैं।

गौरतलब है कि लालू यादव को चारा घोटाले के दुमका, देवघर और चाईबासा कोषागार मामले में सीबीआई कोर्ट ने सजा सुनाई थी। ऐसे में चाईबासा-दुमका मामले में लालू को जमानत नहीं मिली है। 6 जनवरी को रांची की एक विशेष सीबीआई अदालत ने देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मामले में लालू यादव को साढ़े तीन साल की कैद और 10 लाख जुर्माने की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने लालू के दो पूर्व सहयोगियों लोक लेखा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश शर्मा को 7 साल की कैद और 20 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी।

जबकि चाईबासा कोषागार गबन मामले में लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए 5-5 साल जेल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने लालू यादव पर 10 लाख और जगन्नाथ मिश्रा पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। वहीं 19 मार्च को दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया था। जबकि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को इसी मामले में बरी कर दिया गया था।

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