जम्मू-कश्मीर: तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म के विरोध में कई जगह हिंसक प्रदर्शन, सुरक्षाबलों पर पथराव

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 14-05-2019 / 3:51 PM
  • Update Date: 14-05-2019 / 3:51 PM

श्रीनगर। तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म के विरोध में सोमवार को घाटी में जबरदस्त बंद रहा। कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर भारी पथराव किया। स्थिति को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। हिंसक झड़पों में सुरक्षा बलों के 50 जवानों समेत 100 से अधिक लोग घायल हो गए। बंद का आह्वान हुर्रियत कांफ्रेंस का हिस्सा धार्मिक संगठन इतिहाद-उल-मुसलमीन ने किया था। संगठन के अध्यक्ष मौलाना मसरूर अब्बास अंसारी द्वारा इस घटना को इंसानियत पर एक धब्बा करार दिया गया।

श्रीनगर में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सभी दुकानें, कारोबारी प्रतिष्ठान, स्कूल- कॉलेज बंद रहे। केवल सरकारी दफ्तरों में कामकाज देखने को मिला। सड़कों पर से यातायात गायब रहा। लाल चौक, रेसिडेंसी रोड आदि इलाकों में दर्जनों सामाजिक संगठनों, छात्र संगठनों की ओर से प्रदर्शन किया गया।

इस बीच श्रीनगर के पुराने शहर के सैदाकदल, गावकदल, आलमगिरी बाजार, शालीमार आदि इलाकों से हिंसक प्रदर्शन हुए। जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा भी प्रदर्शन रैली निकाली गई और दिन भर काम सस्पेंड रखा गया। हजरतबल इलाके में कश्मीर यूनिवर्सिटी में भी छात्रों ने रैली निकाली गई। उन्होंने उस स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जिसने आरोपी का गलत जन्म प्रमाणपत्र जारी कर उसे नाबालिग साबित करने की कोशिश की।

उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर, पट्टन, बारामुला, बांदीपोरा, हंदवाड़ा, कुपवाड़ा आदि इलाकों से भी प्रदर्शनों की खबरें प्राप्त हुई हैं। सोपोर बस स्टैंड में लोगों ने प्रदर्शन रैली निकाली। इसके अलावा हाईगाम इलाके में प्रदर्शनकारियों द्वारा हिंसक प्रदर्शन किए गए और कई घंटों तक श्रीनगर-बारामुला राष्ट्रीय राजमार्ग को भी बंद रखा गया। बांदीपोरा में हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने रैली निकाली।

बारामुला जिले के मिरगुंड, चैनाबल, हारट्रठ, सिंघपोरा, कृपालपोरा, हंजीवीरा आदि इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पत्थर बरसाए। स्थिति काबू से बाहर होता देख उनके द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए और पेलेट का भी इस्तेमाल किया गया। इसमें 12 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं जबकि 47 सुरक्षा कर्मियों को भी चोटें पहुंची हैं। इनमें एक एसएसबी के दो बटालियन का असिस्टेंट कमांडेंट भी शामिल है।

दक्षिणी कश्मीर के शोपियां, पुलवामा, अनंतनाग जिलों के कई इलाकों से हिंसक प्रदर्शनों की खबरें प्राप्त हुई हैं। पुलवामा में इस्लामिक यूनिवर्सिटी में भी इस घटना के खिलाफ शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन किया। कारगिल में भी शिया समुदाय के लोगों ने रैली निकालकर दोषी को सजा देने की मांग की गई।

घटना को लेकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। एक विशेष एसआईटी का भी गठन किया गया है जो मामले की जांच कर रही है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सुंबल और आस पास के इलाकों में पुलिस द्वारा पाबंदियां लागू की गई थी। बीती रात से ही बांदीपोरा, बडगाम व अन्य संवेदनशील इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सुविधा भी ठप की गई थी। कई जगहों पर तो इंटरनेट स्पीड में भी कमी लाई गई थी।

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