अब ट्रेन मे महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वालों की खैर नहीं

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 14-05-2018 / 10:12 PM
  • Update Date: 14-05-2018 / 10:12 PM

नई दिल्‍ली। ट्रेनों में महिलाओं के साथ छेड़खानी और अन्य परेशानियों के तुरंत समाधान के लिए रेल मंत्रालय नया कदम उठाने जा रहा है। अब ट्रेन के हर डिब्बे में एक ‘पैनिक बटन’ लगाया जाएगा जिसे संकट के समय में दबाने पर डिब्बे में ही उन्हें तत्काल मदद मुहैया कराई जाएगी।

पैनिक बटन दबाते ही ट्रेन के गार्ड को तुरंत पता चल जाएगा कि ट्रेन के किस डिब्बे में महिला परेशानी में है। गार्ड ट्रेन में मौजूद, एस्कॉर्ट करने वाले जवान और टीटीई को वाकी टाकी के जरिए सूचित करेगा। जवान तुरंत सभी डिब्बों में जाकर पता करेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

यहां लगा होगा बटन
आपात स्थिति में महिला यात्री अलार्म चेन के पास लगे बटन को दबा सकती है। इसमें गार्ड के अलावा कोच के बाहर उपलब्ध फ्लैशर इकाइयों पर आॅडियो विजुअल संकेत भी मिलेगा। ट्रेन को एस्कॉर्ट करने वाली टीम भी तत्काल सतर्क हो जाएगी। संकेत के आधार पर टीम पीड़ित यात्री के पास तुरंत पहुंच जाएगी।

अभी तक ट्रेन में सफर करने वाली महिलाओं को आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर या एसएमएस का सहारा लेना पड़ता है या फिर चेन खींचनी पड़ती है। फिर पीड़ित तक पहुंचने में रनिंग स्टाफ को बहुत समय लग जाता है। ऐसे में अपराधी भागने में कामयाब हो जाते हैं लेकिन अब नई सुरक्षा प्रणाली से ऐसा नहीं होगा।

वुमेन एंड चाइल्ड सेफ्टी वर्ष
वर्ष 2018 को भारतीय रेल ‘वुमेन एंड चाइल्ड सेफ्टी वर्ष’ के रूप में मना रही है। इसलिए इस वर्ष महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए रेलवे की कई नयी योजनाओं पर काम हो रहा है। महिला यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से आपात स्थिति में रनिंग स्टॉफ को चौकस करने के लिए पैनिक बटन प्रणाली शुरू करने की कवायद चल रही है। यह योजना इसी वर्ष लागू हो जाएगी। रेल मंत्रालय की योजना महिलाओ के कोच का रंग अन्य डिब्बों से अलग करवाने की भी है। इन डिब्बों को ट्रेन के बीचों बीच रखा जाएगा। ऐसे में किसी प्लेटफॉर्म पर ट्रेन रुकने पर आपात स्थिति में जरूरतमंद महिला तक तत्काल पहुंचा जा सकेगा।

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