INX मीडिया केस: आज चिदंबरम को CBI स्पेशल कोर्ट में किया जाएगा पेश

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 22-08-2019 / 2:43 PM
  • Update Date: 22-08-2019 / 2:43 PM

नई दिल्ली। पूर्व गृह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम को बुधवार रात सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। आज उन्हें सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा जहां से सीबीआई उन्हें अपनी कस्टडी में लेने की कोशिश करेगी। सीबीआई मुख्यालय में चिदंबरम से अधिकारियों ने पूरी रात पूछताछ की।

वहीं चिदंबरम की तरफ से भी जमानत की अपील की जाएगी लेकिन सबसे पहले बताते हैं सीबीआई कस्टडी में चिदंबरम की पहली रात कैसी कटी। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान चिदंबरम को डिनर दिया गया, लेकिन उन्होंने कुछ भी खाने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि सीबीआई ने चिदंबरम से कई सीधे सवाल पूछे।

रिपोर्ट की मानें तो चिदंबरम ने रात में अकेले डर लगने का हवाला देकर हवालात जाने से इनकार कर दिया जिसके बाद सीबीआई के एक अधिकारी कमरे में उनके साथ रुके रहे। रातभर वे सीबीआई के गेस्ट हाउस में ग्राउंड फ्लोर पर सुइट नंबर-5 में रहे। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने सीबीआई दफ्तर में ही उनका मेडिकल चैकअप भी किया।

बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिदंबरम ने कहा कि आईएनएक्स मामले में उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं है, सीबीआई और ईडी ने उनके खिलाफ कोई चार्जशीट भी दाखिल नहीं की। इसके बाद चिदंबरम कांग्रेस मुख्यालय से रवाना हो गए। सीबीआई, ईडी और दिल्ली पुलिस की टीम जोरबाग स्थित घर पर पहुंची। सीबीआई की टीम दीवार फांदकर घर में दाखिल हुई और चिदंबरम को हिरासत में लिया।

चिदंबरम के साथ कांग्रेस
बता दें कि मंगलवार को हाई कोर्ट ने पूर्व वित्त मंत्री की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद कांग्रेस सासंद ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। हालांकि, कोर्ट से भी फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। इस बीच कांग्रेस पार्टी लगातार चिदंबरम के साथ खड़ी नजर आ रही है। प्रियंका गांधी ने चिदंबरम को बेहद सम्मानित सांसद और जनप्रतिनिधि बताया तो राहुल गांधी ने भी उनके समर्थन में ट्वीट किया।

आईएनएक्स मीडिया केस
जिस मामले में पूर्व वित्त मंत्री को गिरफ्तार किया गया है, उसमें उनके बेटे कार्ति चिदंबरम द्वारा 2007 में आईएनएक्स मीडिया, को अनुमति देने के बदले में कथित रूप से 305 करोड़ रुपये विदेशी चंदे के रूप में प्राप्त करने का मामला शामिल है। इस मामले के संबंध में उनसे कई बार पूछताछ की गई। ईडी ने तर्क दिया कि जिन कंपनियों को पैसा हस्तांतरित किया गया था, वो उनके बेटे द्वारा नियंत्रित की गई। इस मामले में, विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितता का आरोप लगाते हुए सीबीआई ने 15 मई 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज की थी।

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