अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस: सीएम भूपेश बघेल ने दिल्ली के छत्तीसगढ़ सदन में किया योग, कहा- योग व्यक्ति को स्वस्थ व निरोगी बनाता है…

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 21-06-2019 / 10:54 AM
  • Update Date: 21-06-2019 / 10:54 AM

नई दिल्ली। 21 जून यानी अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित, छत्तीसगढ़ सदन में प्रातः योग किया। मुख्यमंत्री ने योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश वासियों से योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि, योग न केवल व्यक्ति को स्वस्थ व निरोगी बनाता है बल्कि, उसे अनुशासित भी करता हे। मुख्यमंत्री ने कहा कि, नियमित योग से, तन ही नहीं मन को भी स्वस्थ रखा जा सकता है।

लोगों के स्वास्थ्य पर योग के महत्व और प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। ‘योग’ शब्द संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है शामिल होना या एकजुट होना। योग एक प्राचीन शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है जो लोगों को शांति, आत्मविश्वास और साहस देता है जिसके माध्यम से वे बेहतर तरीके से कई गतिविधियां कर सकते हैं। दुनिया भर में योग विभिन्न रूपों में प्रचलित है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास-
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को विश्व योग दिवस भी कहते हैं. यह 21 जून को सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है और पहली बार यह 2015 में 21 जून को मनाया गया था। इसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण से की थी और इसी वजह से 21 जून को “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” घोषित किया गया।

संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्यों द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के प्रस्ताव को 11 दिसम्बर 2014 को मंजूरी मिली थी। संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष सैम के कुटेसा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की और 170 से अधिक देशों ने इस योग दिवस के प्रस्ताव का समर्थन किया था। जिससे यह सामने आया कि लोग भी जानते हैं, की योग के कई लाभ है जिनमें से कुछ दृश्य और कुछ अदृश्य होते है।

योग कहा से आरंभ हुआ-
1893 में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म संसद को स्वामी विवेकानंद ने संबोधित किया था। जिसमें उन्होंने उस समय के आधुनिक युग में पश्चिमी दुनिया का योग से परिचय करवाया था. उसके बाद कई पूर्वी गुरुओं व योगियों ने दुनिया भर में योग का प्रसार किया और बड़े पैमाने पर लोगों ने इसको स्वीकार करना शुरू किया।

यहां तक कि योग को एक विषय के रूप में भी अध्ययन किया जाने लगा और फिर यह सामने आया कि योग के काफी दीर्घकालिक फायदें होते है। पिछले पचास सालों में यह एक अंतर्राष्ट्रीय घटना ही नहीं है बल्कि पूरी दुनिया के हजारों लाखों लोगों ने इसको अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाया है और काफी लाभ उठाए हैं।

भारत में योग की उत्पति कैसे हुई-
पूर्व-वैदिक काल से ही भारत में योग की शुरुआत मानी जाती हैं। यह हाजारों सालो से भारतियों की जीवनशैली का हिस्सा बना हुआ है। योग भारतीय संस्कृति और सभ्यता का अहम हिस्सा है जिसमें मानवता के दोनों भौतिक तत्वों और आध्यात्मिक उत्थान के गुण हैं। यह ज्ञान, कर्म और भक्ति का आदर्श मिश्रण है। भारत में महर्षि पतंजली का योगदान महत्वपूर्ण हैं उन्होंने ही योग सूत्रों में योग मुद्राओं या प्रथाओं को संहिताबद्ध और व्यवस्थित किया हैं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उद्देश्य-
– लोगों को योग के फायदों के बारे में जागरूक करना और उनको प्राकर्तिक से जोड़ना।
– पूरे विश्व भर में स्वास्थ्य चुनौतीपूर्ण बीमारियों की दर को घटाना।
– पुरे विश्व में वृद्धि, विकास और शांति को फैलाना।
– लोगों को शारीरिक और मानसिक बीमारियों के प्रति जागरुक बनाना और योग के माध्यम से इसका समाधन उपलब्ध कराना।

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