इंदौर के पति सबसे ज्यादा परेशान

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 06-08-2018 / 4:08 PM
  • Update Date: 06-08-2018 / 4:08 PM

भोपाल। पत्नियों के हाथों सताए जाने के मामले में इंदौर के पुरुष प्रदेश में अव्वल हैं। साल के शुरुआती छह महीनों में प्रदेश में पुलिस के पास लगभग साढ़े ग्यारह सौ ऐसे फोन आए हैं, जिनमें पत्नियों की शिकायत की गई है। कई मामलों में पतियों की पिटाई भी सामने आई है। इंदौर में ऐसे 92 मामले पता चले हैं। महिलाओं के लिए घरेलू हिंसा कानून बना हुआ है, लेकिन पतियों को परेशानी से बचाने के लिए अब तक पहल नहीं हुई है। इंदौर की पत्नियां, पतियों से इसलिए परेशान हैं कि या तो वे नौकरी नहीं करते या फिर उन्हें शराबखोरी की लत है। ये दो बड़े कारण सामने आए हैं।

पुलिस कंट्रोल रूम के इमरजेंसी हेल्पलाइन 100 नंबर पर छह महीने में रोजाना लगभग छह पुरुषों ने पत्नी से परेशान होकर फोन लगाया और पुलिस की मदद मांगी। भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर इस मामले में पीछे हैं। इंदौर में साल के शुरुआती छह महीनों में ऐसे 92 फोन पुलिस को आए, जिनमें पत्नियों से बचाने की गुहार की गई। भोपाल में पुलिस से 75 लोगों ने फोन कर मदद मांगी, जबकि जबलपुर 73 और ग्वालियर 52 मामलों के साथ तीसरे और चौथे नंबर पर रहे। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 20 बड़े शहरों में औसतन 36 फीसदी लोगों ने पत्नियों से परेशानी की शिकायत की। जबकि 40 फीसदी मामले गांव से आए हैं।

मालवा के इंदौर-उज्जैन और निमाड़ में 246 फोन पुलिस को आए। कई मामलों में तो पुलिस से तुरंत सहायता मांगी गई कि उनकी पत्नी ने पिटाई की है, वे घायल हैं। आदिवासी इलाकों में भी पत्नी से परेशान लोगों की संख्या कम नहीं है। छिंदवाड़ा, धार, सिंगरौली, शहडोल, बैतुल, रतलाम, बालाघाट, मंडला, खरगोन और होशंगाबाद जिले ऐसे रहे, जहां के परेशान पतियों ने पुलिस की मदद मांगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर मामलों में पति के नशे से परेशान पत्नियों ने उनकी पिटाई की। कुछ पति नशे के लिए दूसरी चीजों का भी इस्तेमाल करते हैं। शिकायतें यह भी मिलीं कि पत्नी से जबरन काम करवाया जाता है।

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