इंदौर : तीन साल की बेटी को लेकर सिरपुर तालाब में कूद गई मां, मौत

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 13-03-2018 / 10:56 PM
  • Update Date: 13-03-2018 / 10:56 PM

इंदौर। तीन साल की बेटी को गोद में लेकर महिला सिरपुर तालाब में कूद गई। पति ने एक दिन पहले द्वारकापुरी थाने में दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। लोगों ने तालाब में दो लाशें देख पुलिस को सूचना दी थी। चंदन नगर पुलिस ने जांच की तो पता चला कि द्वारकापुरी में मां-बेटी की गुमशुदगी दर्ज है। महिला के पति ने पत्नी व बेटी के रूप में दोनों की शिनाख्त की। उसका कहना है पत्नी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। पुलिस महिला के बड़े बेटे व उनके परिजन के बयान दर्ज करेगी।

पुलिस ने बताया नरेश जैन का परिवार दो माह पहले द्वारकापुरी में रहने आया है। परिवार में पत्नी रेणुका, बारह वर्षीय बेटा योगेश व तीन साल की बेटी खुशी थी। नरेश जेल रोड पर एक घड़ी की दुकान पर काम करता है। बारह साल पहले उसकी शादी रेणुका से हुई थी। नरेश के मुताबिक रविवार सुबह आठ बजे उसकी नींद खुली तो घर में रेणुका व खुशी नहीं थे। पहले तो उसने उन्हें इधर-उधर तलाशा। जब नहीं मिले तो द्वारकापुरी थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। पहले भी रेणुका बिना बताए दो बार ओंकारेश्वर व देवास चली गई थी। देवास में उसका मायका है।

जेठ दो महीने से जेल में
नरेश ने बताया वह दुकान जाता था तो खुशी को अपने बड़े भाई सुरेश के घर ऋषि पैलेस में छोड़ देता था। उसके मुताबिक दो माह पहले रेणुका ने सुरेश के खिलाफ द्वारकापुरी थाने में बेटी से छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, तभी से वह जेल में है। उसका कहना है रेणुका ने सुरेश पर झूठा केस दर्ज कराया था।

दिमागी हालत खराब थी

पति के मुताबिक उक्त केस दर्ज कराने से पहले रेणुका की मानसिक हालत खराब हो गई थी। उसे घर का रास्ता भी याद नहीं रहता था। इस दौरान वह दो बार भाग गई थी। उसने हर बार गुमशुदगी दर्ज कराई थी। वह रेणुका को चिकित्सक के पास भी ले गया था, लेकिन रास्ते से भागकर घर आ गई थी। दो दिन पहले ही वह परिवार के साथ रेणुका के घर गया था। तब वह सभी से ठीक से मिली थी।

जेठ को लेकर भी होते थे विवाद
पुलिस ने बताया जांच में पता चला कि जबसे नरेश के भाई सुरेश पर उसकी पत्नी ने बेटी से छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया था, तभी से दोनों में विवाद होते रहते थे। पति का कहना था कि रेणुका ने उसके भाई पर झूठा आरोप लगाया है। वह ऐसा नहीं कर सकता। कई बार रेणुका देवास स्थित मायके चली गई थी। जब नरेश वहां पहुंचता तो हमेशा उसके परिजन उसे ले जाने को कहते थे। अब तक मृतका के परिजन ने पुलिस को बयान नहीं दिए है। इसके बाद ही हकीकत पता चल सकेगी।

बेटी का शव देख बिलख पड़ा
नरेश जिला अस्पताल पहुंचा और लोडिंग रिक्शा में चढ़कर बेटी खुशी व रेणुका के शव को बाहर निकाला। बेटी का शव हाथ में लेते ही वह बिलख पड़ा। वह एक कोने में बैठकर सिर पर हाथ रखकर रोने लगा। नरेश कह रहा था कि खुशी उसके जीवन में बहुत-सी खुशियां लेकर आई थी। जिन हाथों ने उसे पहली बार गोद में लिया था, आज उन्हीं हाथों से उसका शव उठाना पड़ रहा है। नरेश के साथ उस वक्त कोई नहीं था। उसके परिजन भी अस्पताल नहीं पहुंचे थे। इस साल वह बेटी खुशी का स्कूल में एडमिशन कराने वाला था।

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