भारत-चीन सीमा विवाद, राजनाथ ने की सेना प्रमुखों के साथ बैठक

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 26-05-2020 / 7:53 PM
  • Update Date: 26-05-2020 / 7:53 PM

नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को चीन के साथ लद्दाख में चल रही सीमा पर तनातनी को लेकर एक लंबी सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग की। इस बैठक में उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी शामिल थे।

इस मीटिंग में एलएसी के जमीनी हालात की समीक्षा की गई और आगे रणनीति पर विचार किया गया। सूत्रों ने बताया कि चार घंटे से ज्यादा वक्त तक महामंथन हुआ जिसमें रक्षा मंत्री ने चीन की तरफ से सैनिकों की संख्या बढ़ाने पर भारत की प्रतिक्रिया का खाका पेश किया।

इस महामंथन के दौरान स्पष्ट कर दिया गया कि संघर्षविराम के लिए बातचीत तो चलती रहेगी, लेकिन भारतीय सेना वहां अपनी संप्रभुता से बिल्कुल भी समझौता नहीं करते हुए अपनी पकड़ कायम रखेगी। मीटिंग में यह भी फैसला हुआ कि इलाके में सड़क निर्माण का काम चलते रहना चाहिए और भारत अपना सैन्य दल-बल चीन के मुकाबले बढ़ाता रहेगा।

सूत्रों का कहना है कि चीन ने यह शर्त रखी है कि भारत एलएसी पर अपनी ओर भी मूलभूत ढांचे का निर्माण कार्य बंद कर दे। यह एक ऐसी शर्त है जो कि नई दिल्ली को अस्वीकार्य ही रहेगी। वहीं सूत्रों ने बताया कि दूसरी ओर भारत ने चीन से कहा है कि वह बॉर्डर पर वर्तमान स्थिति को बनाए रखे।

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के लिए विवाद की मुख्य जड़ सीमा पर 255-किलोमीटर दरबोक-श्योक-डीबीओ सड़क रही है, जिसे भारत ने पिछले साल सीमा पर अपनी ओर बनाया था। यह देपसांग क्षेत्र और गलवान घाटी तक जाती है और काराकोरम दर्रे के पास समाप्त होती है। बुनियादी ढांचे के विकास ने गश्त संचालित करना आसान बना दिया है, साथ ही इससे गश्त की आवृत्ति भी बढ़ाई जा सकती है।

इस महीने के शुरू में तनाव तब बढ़ गया था जब लद्दाख में पैगोंग सो झील क्षेत्र में लगभग 250 भारतीय और चीनी सेना के जवान लोहे की छड़ों और डंडे लेकर भिड़ गए थे और दोनों तरफ के सैनिकों ने पथराव किया था जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हुए थे।

एक अलग घटना में, लगभग 150 भारतीय और चीनी सैन्यकर्मी 9 मई को सिक्किम सेक्टर में नकु ला दर्रा के पास आमने-सामने आ गए थे। दोनों पक्षों के कम से कम 10 सैनिकों को गंभीर चोटें आई थीं।

हिंसक झड़पों के बाद, भारत और चीन दोनों ने अतिरिक्त सैनिकों को तैनात किया है, पूर्वी लद्दाख में तीन क्षेत्रों में एलएसी के पास कुछ हिस्सों में अतिरिक्त किलेबंदी की गई है और टेंट लगाए गए हैं। भारतीय सेना ने भी एलएसी की ओर से चीनी टुकड़ी के निर्माण की रिपोर्टों के बाद उत्तराखंड में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है।

Share This Article On :
Loading...

BIG NEWS IN BRIEF