रोज़ा के दिनों में डायबिटीज से हैं परेशान, तो रखें इन बातों का खास ख्याल

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 12-06-2018 / 3:23 PM
  • Update Date: 12-06-2018 / 3:23 PM

रमजान का पाक महीना हर मुसलमान के लिए खास है। इन वक्त सब रोज़ा रखकर अल्लाह से अपनी दुआएं मांगते हैं। रोजा रखना हर मुसलमान के लिए जरूरी माना जाता है, ऐसे में कई बार मन तो तैयार होता रपज़ रखने के लिए, लेकिन शरीर इसकी इजाजत नहीं देता। खासाकर डायबिटीज के मरीजों के लिए यह कठिन समय होता है। तो आइए हम आपको बताएं कि डायबिटीज होने पर भी आप कैसे अपना रोज़ पूरा कर सकते हैं और साथ ही अपनी सेहत का ध्यान कैसे रख सकते हैं।

किन बातों का रखें ख्याल

रमजान के पवित्र महीने में डायबिटीज होने के बावजूद कई मुसलमान रोजा रखते हैं और ऐसी स्थिति में डायबिटीज संबंधी सावधानी बरतना और भी जरूरी हो जाता है। रोजा रखने के दौरान डायबिटीज का बेहतर प्रबंधन बहुत जरूरी है। रोजा के दौरान और रमजान के बाद डॉक्टर से सलाह करके दवाओं और रोजा को सहने के तरीकों पर बातचीत करनी चाहिए। नियमित रूप से ब्लड ग्लुकोज स्तर जांचते रहें और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं की खुराक और समय को व्यवस्थित करते रहें।

रोजा के दौरान हाइपोग्लेसेमीआ या डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ने के कारण कठोर परिश्रम की मनाही रहती है, फिर भी डायबिटीज के मरीजों को रमजान के दौरान नियमित रूप से हल्के से मध्यम व्यायाम करने के लिए उत्साहित किया जाना चाहिए। मरीज को याद दिलाते रहें कि उन्हें तरावीह नमाज में झुकने और उठने जैसी शारीरिक मेहनत को अपना दैनिक व्यायाम मानना चाहिए।

रमजान के दौरान अपना विशेष ध्यान रखें और अगर डायबीटिक हैं तो आपके लिए बेहद जरूरी है कि अपना ग्लुकोज लेवल नियंत्रित रखें। अपने डॉक्टर से मिलें और सलाह लें। उचित डायबिटीज प्रबंधन के साथ सुरक्षित एवं समृद्ध रमजान का आनंद उठाएं।

Share This Article On :
loading...

BIG NEWS IN BRIEF