नान घोटाले मामले में कम्प्यूटर और पेन ड्राइव की जांच… डिलीट किए गए 133 पेज हुए रिकवर… मुकेश गुप्ता और रजनीश सिंह की जल्द हो सकती गिरफ्तारी…

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 11-02-2019 / 6:14 PM
  • Update Date: 11-02-2019 / 10:01 PM

रायपुर। नान घोटाले मामले में एक-एक कर कई राज सामने आ रहे हैं। एसआईटी को कम्प्यूटर और पेन ड्राइव से कई राज हाथ लगे हैं। एफएसएल हैदराबाद में कम्प्यूटर और पेन ड्राइव की जांच कराई गई तो डिलीट किए गए 133 पेज रिकवर हो गए हैं। इससे कई अहम तथ्य सामने आए हैं। हाईप्रोफाइल लोगों को बचाने के लिए डीजे मुकेश गुप्ता और तत्कालीन एसपी रजनीश सिंह ने डायरी के पन्नों को डिलीट करवा दिया था।

मामले में मुकेश गुप्ता और रजनीश सिंह की जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। ईओडब्ल्यू के आला अधिकारियों की नान के दफ्तरों में छापे के दौरान एक डायरी मिली थी। इसकी जांच की गई तो कई बड़े नेता और अफसरों को पैसा पहुंचाने का खुलासा हुआ है। नान के अधिकारियों ने बकायदा कम्प्यूटर और पेन ड्राइव में पैसा पहुंचाने वालों का नाम दर्ज किया था।

कंप्यूटर और पेन ड्राइव को एफएसएल हैदराबाद में जांच कराई तो डिलीट किए गए 133 पेज रिकवर हो गए। जांच टीम के सिर्फ 6 पेज को रखकर बाकी पेज डिलीट कर दिया था। इन्हीं 6 पेजों को कोर्ट में पेश किया गया था। अब 133 पेज रिकवर होने के बाद इनको डिलीट करने के आरोप में डीजे मुकेश गुप्ता और रजनीश सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

दोनों को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। मुकेश गुप्ता और रजनीश सिंह की जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। एसआईटी के आला अधिकारियों ने बताया कि रिकवर किए गए 133 पेज की जांच शुरू कर दी गई है इसमें भाजपा सरकार और संगठन के जुड़े करीब 42 लोगों के नाम कोडवर्ड में है और इन लोगों को हर महीने करोड़ों रुपए का भुगतान किया जा रहा था।

एसआईटी के आला अधिकारियों ने बताया कि जिस समय कम्प्यूटर और पेन ड्राइव के डाटा को डिलीट किया गया उस समय किसी अधिकारी को उम्मीद नहीं थी कि असल में यह डाटा रिकवर हो जाएगा।

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