जम्मू-कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता तो बीजेपी विशेष दर्जा नहीं छीनती: चिदंबरम

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 12-08-2019 / 4:49 PM
  • Update Date: 12-08-2019 / 4:49 PM

चेन्नई। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के फैसले पर सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने रविवार को चेन्नई में कहा कि मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि वहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं यदि जम्मू-कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता तो भगवा पार्टी इस राज्य का विशेष दर्जा नहीं छीनती।

चिदंबरम ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने अपनी ताकत से अनुच्छेद 370 को समाप्त किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर अस्थिर है और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियां इस अशांत स्थिति को कवर कर रही हैं लेकिन भारतीय मीडिया घराने ऐसा नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘उनका (बीजेपी) दावा है कि कश्मीर में हालात ठीक हैं। अगर भारतीय मीडिया घराने जम्मू-कश्मीर में अशांति की स्थिति को कवर नहीं करते हैं तो क्या इसका मतलब स्थिरता होता है?’

उन्होंने सात राज्यों में सत्तारूढ़ 7 क्षेत्रीय दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने राज्यसभा में बीजेपी के कदम के खिलाफ ‘भय’ के कारण सहयोग नहीं किया। विपक्षी पार्टियों के असहयोग पर असंतोष व्यक्त करते हुए चिदंबरम ने कहा, हमें पता है कि लोकसभा में हमारे पास बहुमत नहीं है लेकिन 7 पार्टियों (एआईएडीएमके, वाईएसआरसीपी, टीआरएस, बीजेडी, आप, टीएमसी, जेडीयू ने सहयोग किया होता तो विपक्ष राज्यसभा में बहुमत में होता। यह निराशाजनक है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के सौरा क्षेत्र में लगभग 10 हजार लोगों ने विरोध किया जो एक सच है, पुलिस ने कार्रवाई की जो एक सच है और इस विरोध के दौरान हुई गोलीबारी एक सच्चाई है। उन्होंने कहा कि देश के 70 साल के इतिहास में ऐसा कभी कोई उदाहरण नहीं आया जब एक राज्य को केन्द्रशासित प्रदेश बना दिया गया हो।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि यदि जम्मू-कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता तो बीजेपी कभी भी ऐसा नहीं करती। उन्होंने ऐसा केवल इसलिए किया क्योंकि यह मुस्लिम बहुल है। चिदंबरम ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पूर्व गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के बीच कभी भी संघर्ष की स्थिति नहीं थी। उन्होंने कहा, पटेल कभी भी आरएसएस के पदाधिकारी नहीं रहे थे। उनका (बीजेपी) कोई नेता नहीं है, वे हमारे नेता को चुरा रहे हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन चोरी करता है, इतिहास यह नहीं भूलता कि कौन किससे जुड़ा हुआ है।

Share This Article On :
Loading...

BIG NEWS IN BRIEF