15 मांगें लेकर दिल्ली कूच के लिए रवाना हुए सैकड़ों किसान, दिल्ली पुलिस अलर्ट

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 21-09-2019 / 1:45 PM
  • Update Date: 21-09-2019 / 1:45 PM

नई दिल्ली। मोदी सरकार से अपनी मांगों को लेकर वार्ता असफल रहने के बाद अब बड़ी संख्या में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने दिल्ली के लिए कूच कर दिया है। दिल्ली-यूपी सीमा पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है। शनिवार को किसान दिल्ली के किसान घाट पहुंच रहे हैं, जहां पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की समाधि है।

कर्ज की माफी, गन्ना बकाये का 14 दिनों में भुगतान, बिजली के रेट में कमी, बच्चों की पहली से आठवीं तक मुफ्त शिक्षा, स्वामीनाथन कमिटी की रिपोर्ट लागू करने और पश्चिम यूपी में अलग से हाई कोर्ट की बेंच के गठन समेत किसान 15 मांगों पर अड़े हुए हैं।

आंदोलन के लिए दिल्ली पहुंचने वालों में नोएडा, गाजियाबाद समेत सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर और हापुड़ के भी सैकड़ों किसान शामिल हैं। सहारनपुर के तलाफरा गांव के रहने वाले किसान रमेश कुमार ने बताया कि उनके ऊपर 3 लाख रुपये का कर्ज है।

उन्होंने कहा, ‘लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने किसानों के सारे कर्जे माफ करने की बात कही थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हमें यह भी बताया गया कि 14 दिनों के अंदर ही गन्ने का भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन फरवरी से अब तक तमाम मिलों ने पेमेंट लटका रखी है।’

किसानों के गुस्से की एक वजह यूपी में बिजली की दरों में हुआ इजाफा भी है। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि यदि एक दिन की भी देरी होती है तो हमें जुर्माना अदा करना पड़ता है। मुजफ्फरनगर के भमेड़ा गांव के रहने वाले मुकेश राणा ने कहा कि उनके गांव में ऐसे 6 लोगों के खिलाफ केस तक दर्ज किया गया, जो समय पर बिजली बिल की अदायगी नहीं कर सके।

इस बीच यूपी सरकार ने शुगर मिलों को आदेश दिया है कि वे 31 अक्टूबर तक किसानों के बकाये की सारी रकम अदा करें। प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश राणा ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसा न करने वालों के खिलाफ कड़ा ऐक्शन लिया जाएगा। बता दें कि बुधवार को ही इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकार को किसानों के गन्ना बकाये को अदा करने का आदेश दिया था।

किसानों की प्रमुख मांगें-

-भारत के सभी किसानों के कर्जे पूरी तरह माफ हों
-किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त मिले
-किसान व मजदूरों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य मुफ्त
-किसान-मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद 5,000 रुपये महीना पेंशन मिले
-फसलों के दाम किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में तय किए जाएं
-खेती कर रहे किसानों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर शहीद का दर्जा दिया जाए
-किसान के साथ-साथ परिवार को दुर्घटना बीमा योजना का लाभ मिले
-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट और एम्स की स्थापना हो
-आवारा गोवंश पर प्रति गोवंश गोपालक को 300 रुपये प्रतिदिन मिलें
-किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान ब्याज समेत जल्द किया जाए
-समस्त दूषित नदियों को प्रदूषण मुक्त कराया जाए
-भारत में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू हो

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