बारिश के मौसम में कैसे रखें त्वचा का ख्याल

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 27-07-2019 / 7:54 PM
  • Update Date: 27-07-2019 / 7:54 PM

बारिश का सीजन शुरू हो चुका है और इस सीजन की पहली बारिश आते ही सभी लोगों की खुशी उनके चेहरे पर देखने को मिलती है। लेकिन यह ऐसा मौसम है जो कई परेशानियों को लाता है। इस मौसम का प्रभाव आपकी त्‍वचा पर भी बहुत ज्यादा पड़ता है। इसमें रूखी त्‍वचा, पिंपल्‍स, जलन, खुजली और लाल दाग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बारिश के मौसम में आयुर्वेदिक तरीकों से त्वचा को चमकदार और खूबसूरत रखा जा सकता है।

बारिश के मौसम में ऐसे रखें त्वचा का ख्याल-

खूब पिएं पानी
पानी शरीर के साथ-साथ चेहरे की त्वचा को भी हाइड्रेट रखता है। पानी पीने से शरीर और त्वचा से हानिकारक टॉक्सिन और तेल पसीने से बाहर निकल जाता है और आपकी त्वचा स्वस्थ रहती है। दिन भर में कम से कम 10 गिलास पानी पिएं।

सनबाथ न करें
इस मौसम में सनबाथ न ही करें तो बेहतर होगा, क्योंकि सूर्य त्वचा पर गलत प्रभाव डालता है। खास तौर पर बाहर ज्यादा समय बिताने वाले लोगों पर इसका असर देखने को मिलता है।

कैमिकल प्रोडक्ट्स से दूर रहें
विशेषज्ञ कहते हैं कि इस मौसम में ज्यादा कैमिकल से दूर रहें और प्राकृतिक टोनर जैसे कोकोनट वॉटर, दही आदि का प्रयोग करें। तरल पदार्थों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। एलोवेरा जूस पिएं। साबुन आधारित क्लींजर से दूरी बनाए रखें। ऐसे प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचें, जिन में फ्रूट एसिड, तेज खुशबू, कलर, एंटीबैक्टीरियल जैसे तत्व मौजूद हों। कठोर कैमिकल वाले साबुन, शैंपू, बॉडी क्लींजर, क्रीम, बाथ ऑयल आदि से बचें।

अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचाव जरूरी
चेहरे की त्वचा के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट किरणें हैं, जो इस मौसम में और भी खतरनाक हो जाती हैं। इसके सीधे प्रकोप से चेहरे पर मुंहासे, पिंपल्स, झुर्रियां, आंखों के नीचे काला घेरा और एजिंग लाइनें बन आती हैं। इसलिए धूप में कम निकलें। अगर निकलना जरूरी है तो सनस्क्रीन लोशन या क्रीम लगाकर जाएं।

नशे से रहें दूर
हर मौसम में लगातार स्मोकिंग और ड्रिंकिंग से न केवल त्वचा से संबंधित रोग सोराइसिस आदि होते हैं, बल्कि इनसे त्वचा की कोशिकाओं से ऑक्सीजन की मात्रा लगातार कम होती जाती है, जिससे त्वचा पीली पड़ जाती है या बेरंग त्वचा जैसी स्थितियां पैदा होती हैं। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष स्मोकिंग और ड्रिंकिंग से कोलेजन का स्तर भी कम होता है, जिससे न केवल चेहरे की, बल्कि भुजाओं और छाती की त्वचा भी झोलदार और भद्दी हो जाती है।

मानसून में त्वचा चाहे खास
इस मौसम में त्वचा पर दाग-धब्बे पड़ना आम है। ये दाग काफी जिद्दी होते हैं और कई तरह की महंगी क्रीम्स एवं मॉइस्चराइजर्स लगाने के बाद भी नहीं जाते। कुछ लोगों के चेहरे पर वंशानुगत समस्या की वजह से अशुद्धियां आती हैं।

उपाय
चेहरे पर पड़े काले धब्बों को दूर करने के लिए नीबू और प्याज को मिलाकर चेहरे पर लगाएं। चेहरे के दाग-धब्बे हटाने में मेथी काफी सहायता करती है।

उफ यह शुष्क त्वचा
त्वचा में खुश्की के कई कारण हो सकते हैं। जैसे पेट ठीक न होना, ज्यादा तनावग्रस्त रहना, बहुत कम पानी पीना, तेज गर्म पानी से नहाना तथा त्वचा की ठीक से सफाई न होना। ज्यादातर लोगों में 15 से 20 साल की उम्र के बाद ये लक्षण दिखते हैं।

उपाय
दूध में बड़ा चम्मच चिरौंची डालकर पेस्ट बनाएं व चेहरे-गर्दन पर लगाएं। थोड़ी देर बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। बेसन में थोड़ा सा हल्दी पाउडर और कच्चा दूध मिलाकर लगाएं।

त्वचा पर खुजली होना
ज्यादातर स्थितियों में खुजली का कारण किसी जानवर या पौधे से एलर्जी होता है। इसके अलावा त्वचा की साफ-सफाई न होने के कारण भी खुजली हो सकती है। मौसम परिवर्तन या इस मौसम में पसीने के कारण भी खुजली होती है।

उपाय
नीम का तेल या नीम के पत्तों की लेई से भी खुजली से छुटकारा मिलता है। गंधक को खुजली ठीक करने के लिए बहुत ही बढ़िया उपचार माना जाता है।

बड़ा सताता है एक्जिमा
मानसून में दाद, खाज, खुजली के साथ इसी जाति का रोग एक्जिमा भी हो जाता है, जो ज्यादा कष्टकारी है।

उपाय
रोग को ठीक करने के लिए एंटी बायोटिक का प्रयोग किया जाता है। गुनगुने पानी से नहाएं और तुरंत मॉइस्चराइजर या क्रीम का इस्तेमाल न करते हुए ऑलिव ऑयल यानी जैतून के तेल का इस्तेमाल करें। ओमेगा 3 ऑयल से मसाज कर लें।

चर्म रोग सोरायसिस
सोरायसिस त्वचा की ऊपरी सतह का चर्म रोग है, जो वैसे तो वंशानुगत है, लेकिन कई और कारणों से भी हो सकता है। यह असाध्य बीमारी कभी भी, किसी को भी हो सकती है, पर मानसून में इसकी आशंका बढ़ जाती है।

उपाय
बैक्टीरिया रोधी साबुन, पाउडर और फेसवॉश का इस्तेमाल करें। एंटीसोरिक और सिमटोमेटिक औषधियां भी उपयोगी होती हैं।

बारिश में जरूर करें

-मानसून में त्वचा की चमक को बनाए रखने के लिए सौंफ, धनिया बीज और भारतीय करौंदे और आंवला जैसी शरीर पर कूलिंग प्रभाव देने वाली जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल पित्त शांत करने के लिए करें।

-नीबू विटामिन सी से युक्त एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह त्वचा पर काले धब्बे और आंखों के नीचे के काले घेरे को कम करता है।

-इस मौसम में कॉफी और शराब पीने से बचें, क्योंकि इन्हें पित्त और अम्लता के लिए बेहद उत्तेजक माना जाता है।

-वीट ग्रास आपकी त्वचा के लिए एक टॉनिक है। वीट ग्रास एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध होती है और खून से विषैले तत्व बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

-अलसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो त्वचा में कई प्रकार के अस्वस्थ छिद्रों को बंद करता है।

-सोया के हर उत्पाद में विटामिन सी और जिंक पाया जाता है। इन्हें खाने से मुंहासे और त्वचा की अन्य समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

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