जाति में फंसे ‘भगवान हनुमान’….किसी ने बताया दलित तो किसी ने आर्य

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 03-12-2018 / 9:23 PM
  • Update Date: 03-12-2018 / 9:23 PM

नई दिल्ली। बीजेपी के लिए राजस्थान में प्रचार करने गए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान हनुमान की जाति बताते हुए उन्हें दलित बताया था। इसे लेकर काफी बवाल हो रहा है जहां विपक्ष योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर उनकी आलोचना कर रहा है वहीं बीजेपी के कई नेता इस बारे में बोलने से बच रहे हैं।

अब अलवर में चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह ने शुक्रवार को कहा कि हनुमानजी दलित नहीं आर्य नस्ल के थे। उन्होंने आगे कहा कि दरअसल हनुमान जी की कोई जाति थी ही नहीं बल्कि उनकी नस्ल थी। उन्होंने आगे कहा कि भगवान राम और हनुमान के वक्त जाति जैसा कुछ नहीं था।

उस वक्त जाति नहीं वर्ण व्यवस्था थी। राम और हनुमान दोनों ही आर्य जाति से हैं। वहीं योगी आदित्यनाथ के बयान पर उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने हनुमान को दलित बताया है वो इस बारे में कोई बयान नहीं देना चाहेंगे। बता दें कि दो दिन पहले राजस्थान की मालाखेड़ा में जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने हनुमान को दलित बताया था। उसी दिन से इस मुद्दे पर राजनीतिक हंगामा जारी है।

वहीं दूसरी ओर इस मामले में अपना बयान देते हुए छत्तीसगढ़ बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साय ने हनुमान जी को अनुसूचित जनजाति यानी आदिवासी समुदाय का बताया है। नंद कुमार ने लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि हनुमान का गौत्र भी आदिवासियों के गौत्र से मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि अनुसूचित जनजाति में हनुमान एक गौत्र होता है। कई जगह पर गिद्ध गौत्र भी है। जैसे तिग्गा भी एक गौत्र होता है जिसे कुड़ुक में बंदर कहते हैं।

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