रघुराम राजन बोले – 2006-08 के बीच में दिया गया सबसे ज्‍यादा बैड लोन

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 11-09-2018 / 6:53 PM
  • Update Date: 11-09-2018 / 6:53 PM

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने बैंकों के अधिक नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट्स (NPA) के लिए बैंकर्स और आर्थिक मंदी के साथ फैसले लेने में UPA-NDA सरकार की सुस्ती को भी जिम्मेदार बताया है।

राजन ने बैंकों का कर्ज बढ़ने के लिए यूपीए और एनडीए दोनों की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं।एस्टिमेट कमिटी के चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी को भेजे नोट में रघुराम राजन ने कहा, ‘कोयला खानों का संदिग्ध आवंटन और उसकी जांच का डर जैसी समस्याओं ने सरकार के निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर किया।

यह बात यूपीए और एनडीए दोनों सरकारों के दौरान देखी गई।’ उन्होंने कहा कि रुके हुए प्रोजेक्ट की लागत बढ़ती गई जिसे कंपनियों के लिए चुका पाना मुश्किल हो गया। पूर्व गर्वनर ने कहा कि रुके पड़े बिजली संयंत्रों को चालू करने में भी सरकार की सुस्ती नजर आई।

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