दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का निधन

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 20-07-2019 / 7:18 PM
  • Update Date: 20-07-2019 / 7:18 PM

नई दिल्ली। कांग्रेस की दिग्गज नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। वो 81 साल की थीं। बीमारी के चलते उन्हें दिल्ली के एस्कॉर्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोपहर 3.55 में उनका निधन हुआ। शीला दीक्षित लगातार तीन बार(1998 से 2013 तक) दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं।

शीला दीक्षित करीब एक सप्ताह से बीमार चल रही थीं। वहीं उनके राजनीतिक जीवन की बात करें तो वो करीब 15 सालों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं और उसके बाद उन्हें केरल का राज्यपाल बनाया गया था। लंबी बीमारी के चलते उन्हें आज सुबह दिल्ली के एस्कॉर्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

पंजाब में जन्मीं थीं शीला दीक्षित
शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। वे इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में उत्‍तर-पूर्व दिल्‍ली से लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ीं थीं। हालांकि, उन्हें भाजपा के मनोज तिवारी ने हरा दिया था। निधन से कुछ दिनों पहले तक वह राजनीति में बहुत सक्रिय थीं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली के कुछ जिलों में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति भी की थी। उन्हें गांधी परिवार का करीबी माना जाता था।

ससुर उमाशंकर दीक्षित से सीखे राजनीति के गुर
शीला दीक्षित ने राजनीति के गुर सीखे अपने ससुर उमाशंकर दीक्षित से सीखे, जो इंदिरा गांधी मंत्रिमंडल में गृहमंत्री थे और बाद में कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी रहे। उनका विवाह उमाशंकर दीक्षित के बेटे से हुआ था। इनके पति विनोद दीक्षित भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे।

शीला ने आत्मकथा में किए थे कई खुलासे
अपनी आत्मकथा ‘सिटीजन दिल्ली: माय टाइम्स, माय लाइफ’ में उन्होंने लिखा है कि विनोद यूपी के उन्नाव के कान्यकुब्ज ब्राह्मण परिवार से आते थे। उनके ससुर जिन्हें लोग दादाजी कहते थे, ने शीला दीक्षित से कहा था कि, शादी के लिए उन्हें दो हफ्ते, दो महीने या दो साल तक इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि विनोद की माता जी को अंतरजातीय विवाह के लिए मनाना था। 11 जुलाई, 1962 को शीला दीक्षित का विवाह विनोद दीक्षित से हुआ था।

शीला जी मां के समान थीं- मनोज तिवारी
बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि शीला जी ने एक बच्चे की तरह उनका अपने घर में स्वागत किया था। तिवारी ने कहा कि शीला दीक्षित उनके लिए मां के समान थीं। शीला दीक्षित के यूं अचानक चले जाने पर मनोज तिवारी ने कहा, ‘मैं हाल ही में उनसे मिला था, यह एक बड़ा झटका है। मुझे याद है कि उन्होंने एक मां की तरह मेरा स्वागत किया। दिल्ली उन्हें बहुत याद करेगी। भगवान उनके परिवार और करीबियों को इस दुख को सहने के लिए हिम्मत दे।’

रविवार को निगम बोध घाट पर किया जाएगा अंतिम संस्कार
रविवार को 2:30 निगम बोध घाट में शीला दीक्षित का अंतिम संस्कार किया जाएगा। शनिवार शाम 6 बजे से उनकी पार्थिव देह निजामउद्दीन स्थिति घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखी जाएगी।

Share This Article On :
Loading...

BIG NEWS IN BRIEF