वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का बढ़ा ऐलान- घरेलू निवेशकों पर सरचार्ज बढ़ोतरी का फैसला वापस

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 23-08-2019 / 7:42 PM
  • Update Date: 23-08-2019 / 7:42 PM

नई दिल्ली। देश के आर्थिक हालात को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश के आर्थिक हालात के बारे में विस्तार से जानकारी तो दी ही, साथ ही कई घोषणाएं भी की।

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बाकी देशों की अर्थव्यवस्था से बेहतर है। भारत में मंदी जैसी कोई बात नहीं है, उन्होंने कहा कि, दुनिया में भारत की आर्थिक स्थिति बेहतर है। चीन, अमेरिका, जर्मनी, यूके, फ्रांस, कनाडा, इटली, जापान जैसे देशों के मुकाबले GDP ग्रोथ रेट ज्यादा है।

निर्मला सीतारमण ने कहा, ऐसा नहीं है कि मंदी की समस्या सिर्फ भारत के लिए है बल्कि दुनिया के बाकी देश भी इस समय मंदी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और देश में लगातार आर्थिक सुधार हुए हैं। भारत की अर्थव्यवस्था दूसरे देशों के मुकाबले काफी बेहतर हुई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक सुधारों की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना पहले से काफी आसान हुआ है। जीएसटी को भी और आसान बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई देशों की तुलना में हमारी विकास दर भी काफी अच्छी है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार पर आरोप लगते हैं कि टैक्स को लेकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। हम टैक्स और लेबर कानूनों में लगातार सुधार कर रहे हैं। टैक्स नोटिस के लिए केंद्रीय सिस्टम होगा और टैक्स के लिए किसी को परेशान नहीं किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि 1 अक्टूबर से केंद्रीय सिस्टम से नोटिस भेजे जाएंगे। जिससे टैक्स उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कैपिटल गेन्स पर सरचार्ज वापस लिया जाएगा। शेयर बाजार में कैपिटल गेन्स और फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPI) पर सरचार्ज नहीं लिया जाएगा।

वित्त मंत्री ने किए ये बड़े ऐलान

वित्त मंत्री सीतारमण घर, वाहन खरीदने पर और ज्यादा क्रेडिट सपोर्ट मिलेगा। MSME के सभी पेंडिंग जीएसटी रिफंड को 30 दिन के अंदर वापस दिया जाएगा। वहीं, भविष्य के लिए जीएसटी रिफंड से जुड़े मामले सामने आने के बाद 60 दिन के अंदर इसका समाधान होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि आधार बेस्ड KYC के जरिए डीमैट और म्युचुअल फंड में निवेश करने के लिए अकाउंट खोलने की इजाजत होगी। वहीं, अब MSME की केवल एक परिभाषा होगी, इसके जरिए कंपनियां अपने काम आसानी से कर सकती हैं। MSME ऐक्ट को जल्द ही कैबिनेट के सामने ले जाया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लोन क्लोज होने के बाद सिक्यॉरिटी रिलेटेड डॉक्यूमेंट बैंकों को 15 दिन के भीतर देना होगा। लोन आवेदन की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। वहीं, अब लोन खत्म होने के 15 दिन के अंदर कागजात देने होंगे।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि लॉन्ग, शॉर्ट टर्म कैपिटेल गेन सरचार्ज वापस लिया जाएगा। सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनस और ईज ऑफ लिविंग पर फोकस कर रही है। अब विजयादशमी से केंद्रीय सिस्टम से नोटिस भेजे जाएंगे। टैक्स के नाम पर किसी को परेशान नहीं किया जाएगा। टैक्स उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि सराकारी बैंकों के लिए 70 हजार करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। सरकार पर टैक्स को लेकर लोगों को परेशान करने वाले आरोप झूठे हैं। हम जीएसटी की प्रक्रिया को और सरल बनाने जा रहे हैं टैक्स से जुड़े कानूनों में भी सुधार होगा।

इसी तरह हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को भी 30 हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि टैक्स और लेबर कानूनों में लगातार सुधार हो रहा है। आर्थिक सुधारों की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इनकम टैक्स रिटर्न भरना पहले से काफी आसान हुआ है। आगे GST को और आसान बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मार्च 2020 तक खरीदे गए भारत मानक- चार के वाहन पंजीकरण की पूरी अवधि तक परिचालन में बने रहेंगे.सरकार पुराने वाहनों के लिये कबाड़ नीति लाएगी। वित्त मंत्री ने सरकारी गाड़ियों की खरीद पर लगी रोक को भी हटाने की घोषणा की।

वित्त मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि एफपीआई, घरेलू निवेशकों से ‘सुपर रिच’ कर वापस लेने से सरकार को 1,400 करोड़ रुपये भी देगी। वर्ष 2019-20 के बजट में ऊंची कमाई करने वालों पर ऊंची दर से कर अधिभार लगा दिया गया।

सीतारमण ने कहा कि इक्विटी शेयरों के हस्तांतरण से होने वाले दीर्घावधि और लघु अवधि के पूंजीगत लाभ पर अधिभार को वापस ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि बजट से पहले की स्थिति को फिर कायम कर दिया गया है।

सीतारमण ने कहा कि स्टार्टअप्स और उनके निवेशकों की दिक्कतों को दूर करने के लिए उनके लिए एंजल कर के प्रावधान को भी वापस लेने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के सदस्य के तहत स्टार्टअप्स की समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रकोष्ठ बनाया जाएगा।

Share This Article On :
Loading...

BIG NEWS IN BRIEF