पूर्व मुख्यमंत्री के पीएस रहे अमन सिंह खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में EOW ने दर्ज की एफआईआर

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 26-02-2020 / 7:08 PM
  • Update Date: 26-02-2020 / 7:08 PM

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के प्रिंसिपल सिकरेट्री रहे पूर्व आईआरएस अधिकारी अमन सिंह एवं उनकी पत्नी यास्मिनन सिंह के खिलाफ राज्य की आर्थिक अनुसंधान अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआईआर दर्ज कर लिया है। उनके खिलाफ आरोप है कि उन्होंने पद का दुरूपयोग करते हुए बेहिसाब संपत्ति अर्जित की।

सामाजिक कार्यकर्ता उचित शर्मा की शिकायत पर अपराध दर्ज किया गया है। ईओडब्ल्यू के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। उचित शर्मा ने दोनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ शासन से शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने अमन सिंह पर अपने पद का दुरूपयोग करने, भ्रष्ट्राचार करने, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने शेल कंपनी बनाकर मनी लाण्ड्रिंग करने, फारेन में इन्वेस्ट करने तथा चिप्स में तैनाती के दौरान अनियमिता बरतने के गंभीर आरोप लगाया है।

राज्य शासन ने इस शिकायत की जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दिया है। जिस पर ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। उधर इस मामले में शिकायतकर्ता उचित शर्मा ने कहा कि मैं ने काफी पहले शिकायत की थी। अब जाकर इस पर अपराध पंजीबद्ध हुआ है। उम्मीद है इस मामले में जल्दी जांच किया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ और भी शिकायतें हैं उम्मीद है कि ईओडब्ल्यू उस पर भी जल्दी जांच करेगी।

बता दें कि ईओडब्ल्यू की कार्यवाही पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए पिछले दिनों बिलासपुर हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जांच में किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है। जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच ने इस मामले की सुनवाई की थी। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज करने में देरी नहीं की।

अमन कुमार सिंह की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले के साथ-साथ पत्नी यास्मीन सिंह की संविदा नियुक्ति संविदा नियुक्ति, जरूरत से ज्यादा भुगतान करने मामले में राज्य शासन ने जांच के आदेश दिए थे। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। 16 जनवरी 2020 को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें फौरी राहत दी थी। कोर्ट ने अपने जांच पर स्टे देते हुए 10 फरवरी को अगली सुनवाई का वक्त मुकर्रर किया था।

जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच ने सरकार का जवाब आने के बाद यह आदेश दिया था कि आपराधिक मामलों पर किसी तरह की रोक नहीं होगी। याचिका पक्ष के वकील ने कोर्ट में जांच किए जाने का विरोध किया। इस पर कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा था कि जांच एजेंसी पर किसी तरह की रोक नहीं होगी। जांच की दिशा एजेंसी तय करेगी।

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