जानिए आखिर क्यों खेला जाता है दिवाली पर जुआ?

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 06-11-2018 / 10:45 PM
  • Update Date: 06-11-2018 / 10:45 PM

दीपों के पर्व दीपावली पर जुआ खेलने की परम्परा सदियों से चली आ रही है और इस त्योहार पर लोग जुआ शगुन के रूप में खेलते हैं। हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार, माना जाता है कि दीवाली के दिन जुआ खेलना शुभ होता है। माना जाता है कि दीवाली की रात माता पार्वती ने भगवान शिव के साथ पूरी रात चौसर खेला था। माता पार्वती ने कहा था कि दीवाली की रात ताश खेलने वाले के घर असीम सुख समृद्धि आएगी।

पहले इस खेल को चोरी-छुपे खेला जाता था लेकिन आज-कल यह हाई सोसायटी फैमिली वालों के लिए स्टेटस सिंबल बन गया है, जिसके चलते घर पर ही इसका आयोजन किया जाने लगा है। परिवार के सभी सदस्य माता लक्ष्मी की पूजा के बाद खाना खाकर एक जगह बैठकर जुआ खेलते हैं। कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि ताश के खेल के बहाने परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर अपने सुख-दुख बांट लेते हैं।

एक सर्वेक्षण के अनुसार देश के लगभग 45 प्रतिशत लोग दीपावली की रात जुआ खेलते हैं। इनमें 35 प्रतिशत लोग ही शगुन के तौर पर जुआ खेलते हैं लेकिन 10 प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं, जो पक्के जुआरी होते हैं और किसी भी मौके पर जुआ खेलने से परहेज नहीं करते हैं।

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