बुरी खबर : दिल्ली में बच्चे से लेकर बूढ़े तक रोजाना पी रहे 7 सिगरेट

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 24-08-2018 / 11:41 PM
  • Update Date: 24-08-2018 / 11:41 PM

नई दिल्‍ली। देश की राजधानी में धूम्रपान न करने वाले बच्चों, बूढ़ों और महिलाओं के लिए बुरी खबर है। दिल्ली के चिकित्सकों, वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर इस हद तक खतरनाक स्थिति पर पहुंच चुका है कि यहां धूम्रपान नहीं करने वाले लोग भी रोजाना छह से सात सिगरेट पी रहे हैं, यानी धुआं निगल रहे हैं।

पर्यावरणविद् और निरवाना बीइंग के संस्थापक जयधर गुप्ता ने बताया – पीएम 2.5 नैनो पार्टिकल होते हैं जो 2.5 माइक्रोन से छोटे होते हैं। यह किसी चीज के जलने, औद्योगिक प्रदूषण, वाहनों से निकलने वाले धुएं से पैदा होते हैं। पंखे पर जो काला कार्बन चिपक जाता है वह पीएम 2.5 होता है। यह हमारी हवा में भरा हुआ है।

उन्होंने कहा, डब्लूएचओ के मानकों के मुताबिक, इसका सुरक्षित स्तर 15 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है। जबकि 2016 में पूरे साल का औसत था 143 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर, जो कि 90 फीसदी से भी ज्यादा था। वैज्ञानिकों ने कहा कि पर्यावरण में जब पीएम 2.5 का स्तर 22 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर हो तो वह एक सिगरेट के बराबर होता है। उस हिसाब से 143 से जब इस संख्या को भाग करते हैं तो दिन की करीब 6 से सात सिगरेट बनती हैं। इतनी सिगरेट केवल हम सांस लेकर फूंक रहे हैं।

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