पति की मौत पर नहीं रोई पत्‍नी तो हुई उम्रकैद की सजा

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 04-11-2018 / 1:14 PM
  • Update Date: 04-11-2018 / 1:14 PM

नई दिल्ली। असम में एक व्यक्ति की हत्या के बाद उसकी पत्नी को केवल इसलिए दोषी करार दे दिया गया क्योंकि वह घटना के बाद रोई नहीं थी। पुलिस के इसी तर्क के आधार महिला को दोषी करार दिया गया।

उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और वह पांच सालों तक सलाखों के पीछे भी रही। अब सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस के इस तर्क को खारिज कर महिला को बरी कर दिया है। खबर के मुताबिक बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस के इस तर्क को खारिज कर महिला को बरी कर दिया।

दरअसल, इस मामले में निचली अदालत ने जो फैसला दिया था उसे गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बरकरार रखते हुए कहा था कि पति की हत्या के बाद महिला का न रोना अप्राकृतिक व्यवहार था, जो उसे बिना किसी संदेह के दोषी साबित करता है। निचली अदालत और हाईकोर्ट ने उस सिद्धांत पर जोर दिया कि हत्या की रात अंतिम बार महिला और उसके पति को साथ देखा गया था। इसके अलावा हत्या के बाद पत्नी का नहीं रोना यह साबित करता है कि वह अपने पति का हत्यारा थी।

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