करोड़ों की आर्थिक अनियमितता में भाजपा नेता प्रीतपाल बेलचंदन के खिलाफ शिकायत दर्ज, EOW को जांच के आदेश…

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 13-04-2019 / 8:42 PM
  • Update Date: 13-04-2019 / 8:42 PM

रायपुर। भाजपा नेता और दुर्ग जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन करोड़ों की आर्थिक अनियमितता में फंस गए हैं। उनके खिलाफ दुर्ग थाने में दर्ज शिकायत मामले में अब फिर से जांच शुरू हो गई है। वहीं आर्थिक अनियमितता के मामले में ईओडब्ल्यू ने भी केस दर्ज कर स्थानीय पुलिस के साथ जांच शुरू कर दी है। क्योंकि अब भूपेश सरकार की ओर इस पूरे मामले में जांच करने के आदेश ईओडब्ल्यू को दिए है।

छत्तीसगढ़ शासन के अवर सचिव की ओर से ईओडब्ल्यू को पूर्व के तामम जांच प्रतिवेदन को प्रेषित कर दिए गए हैं। दअरसल भाजपा नेता होने के नाते शिकायत बाद भी प्रीतपाल बेलचंदन के खिलाफ तत्कालीन रमन सरकार ने तमाम जांच रिपोर्टस के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं थी। जबकि मामले की जांच रिपोर्ट उस दौरान सहकारिता विभाग की ओर से गृहमंत्रालय को भेजी गई थी। जांच रिपोर्ट कहा गया था कि तत्कालीन दुर्ग पुलिस यहां तक की एसपी भी इस मामले में आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

ये हैं पूरा मामला-
19.1.2017 को तत्कालीन सहकारिता सचिव डीडी सिंह ने जो पत्र तत्कालीन गृह सचिव को लिखा उसके मुताबिक बेमेतरा जिला के नवगाढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम कौराकांपा निवासी श्यामबिहारी वर्मा ने सहकारी समितियों के निर्वाचन में 1.18 करोड़ रुपये की आर्थिक अनियमितता मामले में दुर्ग पुलिस में शिकायत की थी। इस शिकायत में जांच में दोषी पाए गए पदाधिकारी, अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन दुर्ग पुलिस ने 4 दोषी अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध मामला दर्ज किया।

वहीं तत्कालीन जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन और तत्कालीन उप पंजीयक जॉन खलको के नाम एफआईआर समें सम्मलित नहीं किया गया। इसके बाद यह मामला बिलासपुर हाईकोर्ट पहुँचा। हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा जांच कर यथोचित कार्यवाही के निर्देश दिए। लेकिन दुर्ग एसपी की ओर इस निर्देश पर कोई कार्यवाही नहीं हुआ। इसके बाद 26 अप्रेल 2017 को एक पत्र तत्कालीन पंजीयक सहकारी संस्थान जेपी पाठक ने तत्कालीन सहकारिता सचिव डीडी सिंह को लिखा।

इस पत्र में वहीं बातें तत्कालीन पंजीयक सहकारी संस्थाए पाठक ने कही जो पूर्व में गृह सचिव को लिखे पत्र में कहा गया था। इस पत्र में भी यह बताया गया कि तत्कालीन बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन के खिलाफ एफआईआर की मांग श्यामबिहारी वर्मा की करना उचित एवं न्यायसंगत है। इस मामले में एफआईआर कर नियमानुसार कार्यवाही हेतु अनुमति प्रदान करने बाबत् विचार करना चाहेंगे।

इसके बाद एक और पत्र 11 मई 2017 को तत्कालीन अवर सचिव छत्तीसगढ़ शासन तत्कालीन पंजीयक सहकारी संस्थाएं को लिखा। इस पत्र में भी लिखा गया कि मामले के आरोपी प्रीतपाल बेलचंदन के खिलाफ दुर्ग थाना द्वारा जान-बुझकर दुर्भावनापूर्ण ढंग से अपराध से बचाने एवं अपराधियों को लाभ पहुँचाने की शिकायत पर की गई। जांच-प्रतिवेदन की छायाप्रति को थाना प्रभारी दुर्ग को तत्काल भेजते हुए कार्यवाही सुनिश्चित करें।

इसके बाद इसी पत्र के आधार पर 29 मई 2017 को तत्कालीन अपर पंजीयक सहकारी संस्थाएं अपर पंजीयक ने संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं दुर्ग को पत्र लिखकर आरोपी प्रीतपाल बेलचंदन के खिलाफ कार्यवाही कर जांच रिपोर्ट भेजने को कहा था।

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