LAC से सैनिक हटने के बाद चीन का बयान- अब ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे विवाद बढ़े

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 06-07-2020 / 5:26 PM
  • Update Date: 06-07-2020 / 5:27 PM

पेइचिंग। लद्दाख सीमा पर LAC के पास चीनी सेना ने आखिरकार अपने टेंट हटाने शुरू कर दिए हैं। दोनों सेनाओं के बीच हुई बातचीत के आधार पर चीनी सेना करीब एक-दो किमी. तक पीछे हट गई है। अब इस मामले पर चीन के विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर दिया है।

चीनी विदेश मंत्रालय का कहना है कि शांति स्थापित करने के लिए अग्रिम मोर्चे पर कुछ कदम उठाए गए हैं, इनमें सैनिकों को वापस हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इस बीच चीन के विदेश मंत्री वान्ग यी की ओर से विस्तृत बयान जारी कर उम्मीद जताई गई है कि अब दोनों पक्ष ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे विवाद बढ़े।

सीमा बातचीत को लेकर भारत के विशेष प्रतिनिधि और राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अ‍जीत डोवाल ने वान्ग से रविवार को चर्चा की थी। इसके बाद चीन ने विस्तृत बयान जारी कर कहा है कि इस साल चीन और भारत के बीच कूटनीतिक संबधों की 70वीं वर्षगांठ है। चीन और भारत के रिश्तों ने तमाम उतार-चढ़ाव देखे हैं और आज जो विकास हुआ है उसे हासिल करना आसान नहीं है।

बयान में कहा गया कि कुछ दिन पहले ही चीन और भारत के बीच पश्चिमी सीमा पर गलवान घाटी में जो हुआ वह साफ है। चीन अपनी क्षेत्री संप्रभुता और सीमाक्षेत्रों और शांति की प्रभावी तरीके से रक्षा करता रहेगा।

वान्ग यी ने इस बात पर जोर दिया है कि विकास और जीर्णोद्धार करना चीन और भारत की पहली प्राथमिकता है। दोनों देश लंबे समय के लिए एक दिशा में रणनीतिक हित साझा करते हैं। दोनों पक्षों को रणनीतिक फैसलों का पालन करना चाहिए जो एक-दूसरे को खतरा न पहुंचाएं और विकास के मौके उपलब्ध कराएं।

दोनों के रिश्ते में आई मौजूदा हालात की जटिलता की अहमियत समझी जाए और जल्द से जल्द इससे बाहर आया जाए और पलटा जाए। उन्होंने उम्मीद जताई है कि भारत और चीन एक दिशा में कदम उठाएंगे और आम राय को सही दिशा में गाइड किया जाएगा।

दोनों देशों के बीच सहयोग और सामान्य एक्सचेंज को बनाए रखा जाएगा। ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा जिससे विवाद बढ़े या बिगड़े और मिलकर दोनों के संबंधों की सुरक्षा की जाएगी।

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