NSA अजित डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री से की बात

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 06-07-2020 / 4:58 PM
  • Update Date: 06-07-2020 / 4:58 PM

नई दिल्ली। पाकिस्तान में रहकर उसकी कमर तोड़ने वाले अजीत डोभाल को भारत को सबसे बड़ा जासूस कहा जाता है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को अब चीन का मामला सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार स्पेशल रीप्रिजेंटेटिव (SR) तंत्र से बॉर्डर मुद्दा सुलझाने पर विचार कर रही है। इसके तहत अजीत डोभाल चीन में उनके समकक्ष वांग यी के साथ बातचीत की है। यह बातचीत वीडियो कॉल के जरिए रविवार को हुई। इसमें महत्वपूर्ण यह है कि वांग यी इस समय चीन के विदेश मंत्री होने के साथ-साथ स्टेट काउंसलर भी हैं। स्टेट काउंसलर की पॉवर विदेश मंत्री से ज्यादा होती है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग ने सीमावर्ती क्षेत्रों में हालिया घटनाक्रमों पर खुलकर बात की और व्यापक तौर पर विचारों का आदान-प्रदान किया। मंत्रालय ने कहा, डोभाल और वांग इस बात पर सहमत हुए कि द्विपक्षीय संबंधों में विकास के लिए शांति और स्थिरता की बहाली आवश्यक है।

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, दोनों इस बात पर सहमत हुए कि शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा से सैनिकों का पूरी तरह पीछे हटना सुनिश्चित करना आवश्यक है। डोभाल और वांग यी के बीच बातचीत ऐसे समय में हुई है जब चीन की सेना गलवान घाटी के कुछ हिस्सों से तंबू हटाते और पीछे हटती दिखी है। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी. क्षेत्र में सैनिकों के पीछे हटने का यह पहला संकेत है।

सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्षों के कोर कमांडरों के बीच हुए समझौते के तहत चीनी सैनिकों ने पीछे हटना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि चीनी सेना गश्त बिंदु 14 पर लगाए गए तंबू एवं अन्य ढांचे हटाते हुए देखी गई है। सूत्रों ने कहा कि गोगरा हॉट स्प्रिंग इलाके में भी चीनी सैनिकों के वाहनों की इसी तरह की गतिविधि देखी गई है। भारतीय और चीनी सेना के बीच पिछले सात हफ्तों से पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में गतिरोध जारी है।

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