इस गांव में 400 साल से नहीं हुआ किसी भी बच्चे का जन्म,जानें क्‍यों?

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 12-05-2018 / 11:46 AM
  • Update Date: 12-05-2018 / 11:46 AM

राजगढ़। भारत 21वीं सदी में दुनिया के सबसे प्रभावशाली देशों में से एक के रूप में उभर रहा हो। इसके बावजूद देश के कई ऐसे हिस्से हैं जहां लोग अभी भी अंधविश्वास की बेड़ियों में जकड़े हुए हैं। उनकी आंखों पर ऐसी पट्टी बंधी है जिसके कारण वह कभी भी मुसीबतों की खाई में गिर सकते हैं लेकिन उनके लिए उनका विश्वास बड़ा है।

मध्य प्रदेश के राजगढ़ के एक गांव में ऐसे ही अंधविश्वास की कहानी देखने को मिलती है। यहां के सांका जागीर गांव में 400 साल से गांव के अंदर किसी महिला ने बच्चे को जन्म नहीं दिया है।

डिलिवरी के समय गर्भवती महिला को दूसरे गांव या कम से कम गांव की सीमा से बाहर ले जाकर डिलिवरी कराई जाती है। दरअसल, गांववालों का कहना है कि यह गांव शापित है। गांववालों के मुताबिक 16वीं शताब्दी में गांव के अंदर देवता मंदिर बना रहे थे। उस वक्त एक महिला गेहूं पीसने के लिए चक्की चला रही थी। चक्की की आवाज से देवताओं का ध्यान भंग हो गया और उन्होंने श्राप दे डाला कि इस गांव में कभी कोई महिला बच्चे को जन्म नहीं दे पाएगी।

गांव में डिलिवरी से जच्चा-बच्चा को नुकसान का डर
गांव के लोगों में इसे लेकर डर बैठ गया है कि अगर किसी महिला ने गांव के अंदर बच्चे को जन्म दिया तो या तो बच्चे को कोई बीमारी होगी, या मां और बच्चे में से किसी की जान चली जाएगी। इस डर के कारण महिलाओं की डिलिवरी गांव के अंदर कभी नहीं होती।

यहां तक कि गांव के ठीक बाहर एक कमरा बनवाया गया, जहां इमर्जेंसी होने पर डिलिवरी कराई जाती है। हालांकि, गांव के ही कुछ अन्य लोगों का कहना है कि किसी जमाने में यहां श्यामजी का मंदिर था। उसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए गांव के बुजुर्गों ने महिलाओं की डिलिवरी गांव के बाहर कराने का फरमान सुनाया। इसके बाद से गुर्जर बहुल इस गांव में यह परंपरा चली आ रही है।

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