मुख्यमंत्री ने किसानों से मोबाईल पर की बात, पूछा- कोई दिक्कत तो नहीं है

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 31-03-2020 / 8:18 PM
  • Update Date: 31-03-2020 / 8:18 PM

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लॉक डाउन के दौरान जन भावनाओं से अवगत होने के लिए आज फोन/वीडियो कॉलिंग के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से बातचीत की। इस दौरान विभिन्न जिलों में रहने वाले किसान, मजदूर, नर्स, ग्रामीण, सफाईकर्मी, सब्जी दुकानदार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सरपंच से बात की।

अस्पताल में व्यवस्था की जानकारी ली
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज दूरभाष से रायपुर जिले के गोगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ ए.एन.एम. श्रीमती पूनम वर्मा से कोरोना वायरस संक्रमण के चलते अस्पताल में व्यवस्था और वहां बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या,लोगो में कोरोना के प्रति जागरूकता और बचाव के लिए की गयी सुरक्षा व्यवस्था आदि के बारे में पूछा। इसके जवाब में श्रीमती वर्मा ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 30-40 मरीज सामान्य सर्दी-बुखार के आ रहे हैं। मरीजो के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले सभी लोग आवश्यक सुरक्षा बरत रहे हैं। मास्क लगाने के साथ-साथ मरीज सामाजिक दूरी का भी पालन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने श्रीमती वर्मा से कहा कि आप बहुत महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। जब आप खुद सुरक्षित रहेंगी, तभी दूसरों को सुरक्षित रख पाएंगी। मुख्यमंत्री ने उन्हें खुद के साथ अपने परिवार की सुरक्षा के लिए आवश्यक नियमों का पालन करने के लिए भी कहा। श्रीमती वर्मा ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वह खुद के साथ अपने परिवार की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रख रही हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अस्पताल में व्यवस्था, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और लोगों को जागरूक करने के लिए श्रीमती वर्मा को बधाई दी और इसी तरह आगे भी कार्य करने के लिए कहा।

किसान निखिल थवाईत से की बात
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने लॉक डाउन के दौरान किसानों के सामने आ रही दिक्कतों की जानकारी देने के लिए फोन पर जांजगीर-चांपा के किसान निखिल थवाईत से बात की। उन्होंने खेती किसानी के साथ गांव का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि कोई दिक्कत तो नहीं है। थवाईत ने बताया कि ग्राम पंचायत से राशन मिल रहा है। जरूरतमंद लोगों को सहायता भी मिल रही है। जिला प्रशासन से भी हर तरह की मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने उनसे यह भी पूछा कि आपने अपने खेत में क्या लगाया है। थवाईत ने मुख्यमंत्री को बताया कि लॉकडाउन के बाद काम बंद कर दिए हैं। खेत में थोड़ी हरी सब्जियां लगाई हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि सब्जी बेचने में कोई परेशानी तो नही हो रही है। उन्होंने बताया कि नही। थोड़े बहुत मजदूर भी मिल जाते हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि सामाजिक दूरी बनाकर खेतों में काम करें। उन्होंने कहा कि इस समय थोड़ा संयम बनाकर रखें। सरकार आपके साथ है, पूरी मदद करेगी।

श्रमिक श्री युसुफ खान से की बात
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर के त्रिवेणी भवन में ठहरे श्रमिक युसुफ खान से मोबाईल पर बात की। मुख्यमंत्री ने श्री युसुफ खान से रहने, खाने, पीने और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। युसुफ खान ने बताया कि उन्हें खाने, पीने, रहने की कोई समस्या नहीं है, यहां जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा सभी व्यवस्था की गई है। सवेरे, शाम चाय-नाश्ते के साथ ही दोपहर एवं शाम का भोजन दिया जा रहा है।

आवश्यकता अनुसार चिकित्सा सुविधा भी मुहैया कराई जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने गांव जाने की इच्छा जताई। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन बहाल होने के बाद तत्काल उन्हें भेजने की व्यवस्था की जाएगी। युसुफ खान ने छत्तीसगढ़ में उनके लिए की गयी व्यवस्था के लिये मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है।

युसुफ खान नादिया पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। वे भवन निर्माण में सेट्रींग का कार्य करते है। वे काम करने के लिये केरल गये थे। कोरोना वायरस के कारण केरल से पश्चिम बंगाल जाने के लिये निकले मजदूर बिलासपुर स्टेशन में आकर लॉक डाउन के कारण फंस गये और आगे जाने के लिये कोई ट्रेन नहीं थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बिलासपुर जिला प्रशासन द्वारा केरल से आने वाले मजदूरों को व्यापार विहार स्थित त्रिवेणी भवन में रूकवाया गया है। यहां पश्चिम बंगाल के 50, असम के 7, बिहार के 3, झारखण्ड के 1, उत्तरप्रदेश के 1 एवं मध्यप्रदेश के 2 मजदूर रूके हुये हैं।

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