ओशो संदेश

आदतों से मुक्त होओ! – ओशो

मैंने सुना है, मुल्ला नसरुद्दीन जा रहा था रास्ते से बिलकुल घसिटता, गालियां देता हुआ। डाक्टर मिल गया। उसने कहा कि क्योंकि इतनी गालियां दे रहे हो, बात क्या है? उसने कहा: मेरे पैर में बड़ी तकलीफ है। डाक्टर ने कहा, तुम मेरे साथ आओ, गालियां देने से क्या होगा! डाक्टर ने कहा कि तुम्हारे …

एक में ठहरो – ओशो

मुल्ला नसरुद्दीन मरता था तो उसने अपने बेटे को कहा कि अब मैं तुझे दो बातें समझा देता हूं। मरने के पहले ही तुझे कह जाता हूं इन्हें ध्यान में रखना। दो बातें हैं। एक आनेस्टी (ईमानदारी) और दूसरी है—विजडम (बुद्धिमानी)। तो, दुकान तू सम्हालेगा, काम तू सम्हालेगा। दुकान पर तखती लगी है आनेस्टी इज …

आध्यात्मिक निद्रा – ओशो

गुरजिएफ कहता था एक कहानी बार—बार कि एक जादूगर के पास बहुत सी भेड़ें थीं। और उसने पाल रखा था भेड़ों को भोजन के लिए। रोज एक भेड़ काटी जाती थी, बाकी भेड़ें देखती थीं, उनकी छाती थर्रा जाती थी। उनको खयाल आता था कि आज नहीं कल हम भी काटे जाएंगे। उनमें जो कुछ …

गरीब की मांग – ओशो

एक बहुत अरबपति महिला ने एक गरीब चित्रकार से अपना चित्र बनवाया, पोट्रट बनवाया। चित्र बन गया, तो वह अमीर महिला अपना चित्र लेने आयी। वह बहुत खुश थी। चित्रकार से उसने कहा, कि क्या उसका पुरस्कार दूं? चित्रकार गरीब आदमी था। गरीब आदमी वासना भी करे तो कितनी बड़ी करे, मांगे भी तो कितना …

धारणा

मेरे एक मित्र थे-बूढ़े आदमी थे, अब तो चल बसे–महात्मा भगवानदीन। अनूठे व्यक्ति थे। एक महानगर में कुछ पैसे इकट्ठे करने गए थे-कहीं एक आश्रम बनाते थे। सीधे-साधे आदमी थे। बस एक अंडरवियर पहने रहते थे, कभी-कभी सर्दी इत्यादि में एक चादर भी डाल लेते थे। वह अंडरवियर पहने ही वे दुकानों पर गए। किसी …

नासमझ सुलझाने चलते हैं, तो और उलझा देते हैं

एक आदमी को सर्दी—जुकाम था, बहुत दिनों से था। और बार—बार लौट आता था। बड़े—बड़े चिकित्सकों के पास गया, कोई इलाज न कर पाया। फिर एक नीम—हकीम मिल गया। उसने कहा, ‘यह भी कोई बड़ी बात है! यह तो बायें हाथ का खेल है! चुटकी बजाते दूर कर दूंगा! इतना करो : सर्दी की रातें …

मैं तुम्हें सृजनात्मक धर्म सिखाता हूँ – ओशो

एक महान सम्राट अपने घोड़े पर बैठ कर हर दिन सुबह शहर में घूमता था। यह सुंदर अनुभव था कि कैसे शहर विकसित हो रहा है, कैसे उसकी राजधानी अधिक से अधिक सुंदर हो रही है। उसका सपना था कि उसे पृथ्‍वी की सबसे सुंदर जगह बनाया जाए। वह हमेशा अपने घोड़े को रोकता और …

खजुराहो- आध्‍यात्‍मिक सेक्‍स – ओशो

खजुराहो में खड़े मंदिर, पुरी और कोणार्क के मंदिर सबूत हैं। तंत्र ने सेक्‍स को स्प्रिचुअल बनाने का दुनिया में सबसे पहला प्रयास किया था। कभी आपने खजुराहो की मूर्तियां देखी हों तो आपको दो बातें अद्भुत अनुभव होंगी। पहली बात तो यह है कि नग्‍न मैथुन की प्रतिमाओं को देखकर भी आपको ऐसा नहीं …

28-02-18

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