ओशो संदेश

तुम्हारा स्वागत है मां तुम आओ…

सिंह की सवार बनकर रंगों की फुहार बनकर पुष्पों की बहार बनकर सुहागन का श्रंगार बनकर *तुम्हारा स्वागत है मां तुम आओ* खुशियां अपार बनकर रिश्तों में प्यार बनकर बच्चों का दुलार बनकर समाज में संस्कार बनकर *तुम्हारा स्वागत है मां तुम आओ* रसोई में प्रसाद बनकर व्यापार में लाभ बनकर घर में आशीर्वाद बनकर …

ये 21अनमोल विचार हमारा आज और कल बेहतर बना सकते हैं : ओशो

1 : अगर जितना हो मन को, तो पहला नियम है कि लड़ना मत। 2 : ध्यान है तो सब है, ध्यान नहीं तो कुछ भी नहीं। 3 : प्रेम लक्ष्य है, जीवन यात्रा है। 4 : उत्सव मेरा धर्म है, प्रेम मेरा संदेश है, और मौन मेरा सत्य है। 5 :जहाँ भय समाप्त हो …

अस्तित्व और मानव का सम्बन्ध – ओशो

एक बहुत पुरानी तिब्बतन कथा है कि एक छोटा सा मच्छर था। आदमी ने लिखी, इसलिए छोटा सा लिखा है। मच्छर बहुत बड़ा था, मच्छरों में बड़े से बड़ा मच्छर था। कहना चाहिए, मच्छरों में राजा था, सम्राट था। कोई मच्छर गोबर के टीले पर रहता था, कोई मच्छर वृक्ष के ऊपर रहता था, कोई …

किसी मज़ार पर एक फकीर रहता था – ओशो

किसी मज़ार पर एक फकीर रहता था। सैकड़ों भक्त उस मज़ार पर आकर दान-दक्षिणा चढ़ाते थे। उन भक्तों में एक बंजारा भी था। वह बहुत गरीब था, फिर भी, नियमानुसार आकर माथा टेकता, फकीर की सेवा करता, और फिर अपने काम पर जाता, उसका कपड़े का व्यवसाय था, कपड़ों की भारी पोटली कंधों पर लिए …

प्रेम खोने का रास्ता है! और वही प्रेम परमात्मा तक ले जाएगा – ओशो

प्रेम खोने का रास्ता है! और वही प्रेम परमात्मा तक ले जाएगा, जो खोना सिखाए। वही प्रेमी तुम्हें परमात्मा तक ले जा सकेगा, जो खुद भी धीरे-धीरे खोता जाए और तुम्हें भी खोने के लिए राजी करता जाए। प्रेम के मार्ग पर मिट जाना ही पाना है। कठिन होता है मिटना। पीड़ा होती है। बचा …

तुम न जाने किस जहां में खो गए – ओशो

यही तो प्रेम की मंजिलें हैं, यही तो उसके आगे के इम्तिहान हैं। आखिरी प्रेम का इम्तिहान यही है कि वहां प्रेमी खो जाता है। और जिस दिन खोता है उसी दिन पाता है, सब मिल गया। इसलिए प्रेम की भाषा गणित की भाषा नहीं है। प्रेम की भाषा हिसाब की भाषा नहीं है। प्रेम …

दुःख को भोग लें – ओशो

दुःख को अकेले में भोग लें, उसे बांटे नहीं जब तुम्हें दुख आए, तो उसे भोग लो। उसे बांटो मत। द्वार—दरवाजे बंदकर लो, रो लो, छाती पीट लो, आंसू बहा लो, जल उठो दुख में, भस्म हो जाओ, मगर दूसरे को मत दो, बाटो मत। कितना ही भारी पड़े। टूट जाए कमर, गर्दन गिर जाए …

झूठ में एक गुण है – ओशो

एक बार एक पत्रकार मरा और स्वर्ग पहुंच गया। द्वार पर दस्तक दी। द्वारपाल ने द्वार खोला और पूछा कि क्या चाहते हैं? उसने कहा, मैं पत्रकार हूं और स्वर्ग में प्रवेश चाहता हूं। द्वारपाल हंसा और उसने कहा कि असंभव! तुम्हारे लिए ठीक-ठीक जगह तो नरक में है। तुम्हारा काम भी वहीं है। तुम्हें …

तुम्हारे पास विराट ऊर्जा है – ओशो

मैंने सुना है, एक अमीर आदमी के पास एक गरीब आदमी मिलने गया। वह अमीर आदमी ने अपने पास एक सोने का पीकदान रखा हुआ था। लाखों रुपए का होगा; उस पर हीरे जड़े थे। और वह उसमें बार—बार पान की पीक यूक रहा था। वह गरीब को बड़ा दुख हुआ, उसे बड़ा क्रोध भी …

आदतों से मुक्त होओ! – ओशो

मैंने सुना है, मुल्ला नसरुद्दीन जा रहा था रास्ते से बिलकुल घसिटता, गालियां देता हुआ। डाक्टर मिल गया। उसने कहा कि क्योंकि इतनी गालियां दे रहे हो, बात क्या है? उसने कहा: मेरे पैर में बड़ी तकलीफ है। डाक्टर ने कहा, तुम मेरे साथ आओ, गालियां देने से क्या होगा! डाक्टर ने कहा कि तुम्हारे …

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