म्यांमार में सेना का खूनी खेल, गोली-बारी में 91 प्रदर्शनकारियों की मौत

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 27-03-2021 / 9:08 PM
  • Update Date: 27-03-2021 / 9:08 PM

यंगून। म्यांमार में पिछले महीने हुए सैन्य तख्तापलट के बाद से सुरक्षा बलों ने शनिवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ सबसे बड़ी हिंसक कार्रवाई की। जिसमें 91 लोग मारे गए। यह करीब दो माह से जारी आंदोलन के दमन की अब तक की सबसे बड़ी घटना मानी जा रही है। इससे पहले 14 मार्च को सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 74 से 90 प्रदर्शनकारी मारे गए थे।

ताजा हिंसा तब हुई जब शनिवार को देश में ‘ऑर्म्ड फोर्सेस डे’ मनाया जा रहा था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने यांगून, मांडले व अन्य कस्बों में शांतिपूर्वक रैली निकाली। तभी सेना ने आक्रामक रवैया अपनाया और उन पर गोलियां चला दीं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार शाम तक सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर 91 तक पहुंच गई। इससे पहले 14 मार्च को सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 74 से 90 प्रदर्शनकारी मारे गए थे। 

यंगून में एक निगरानीकर्ता द्वारा जारी मृतक संख्या के मुताबिक, दो दर्जन से अधिक शहरों में हो रहे प्रदर्शन में शाम होने तक 89 लोगों की मौत हुई थी। बता दें कि म्यांमार में हुए सैन्य तख्तापलट के बाद से देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी निर्वाचित सरकार को बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन व सैन्य हिंसा के बीच सेना प्रमुख मिन आंग लाइंग ने नेशनल टेलीविजन पर अपने संदेश में कहा कि वे देश में लोकतंत्र की रक्षा करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने वादा किया कि देश में चुनाव कराए जाएंगे, लेकिन कब कराए जाएंगे, यह नहीं बताया।

म्यांमार में गत फरवरी में सेना ने तख्ता पलट किया था और सत्ता पर कब्जा कर लिया था। तब से सेना विरोधी प्रदर्शनों में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। सेना आंदोलन के दमन पर किस हद तक आमाद है, इसकी झलक उसके बयान से मिलती है।

सेना ने चेतावनी दी है कि लोगों को बीते दिनों हुई मौतों से सबक लेना चाहिए कि उन्हें भी गोली लग सकती है। सैन्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे समूह सीआरपीएच के प्रवक्ता डॉ. सासा ने कहा कि सेना के लिए यह शर्मनाक दिन है। सेना के जनरल सैकड़ों लोगों की हत्या कर आज के दिन जश्न मना रहे हैं। 

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