बीजेपी के 41वें स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 06-04-2021 / 5:38 PM
  • Update Date: 06-04-2021 / 5:38 PM

नई दिल्ली। बीजेपी आज अपना 41वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशभर के पार्टी नेता और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और उन्हें पार्टी को आगे बढ़ाने का मंत्र दिया। पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा- बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय जेपी नड्डा जी और विशाल बीजेपी परिवार के सभी सदस्य आप सभी को भाजपा के स्थापना दिवस की बहुत बहुत बधाई।

इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि ये 41 वर्ष इस बात के साक्षी हैं कि सेवा और समर्पण के साथ कोई पार्टी कैसे काम करती है और सामान्य कार्यकर्ता का तप और त्याग किसी भी दल को कहां से कहां पहुंचा सकता है। हमारे देश में राजनीतिक स्वार्थ के लिए दलों के टूटने के अनेकों उदाहरण हैं लेकिन देशहित में लोकतंत्र के लिए दल के विलय की घटनाएं शायद ही कहीं मिलेंगी। भारतीय जनसंघ ने ये करके दिखाया था।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जो लोग कहते हैं कि बीजेपी चुनाव जीतने की मशीन है, वो एक प्रकार से भारत के लोकतंत्र की परिपक्वता को समझ नहीं पाते। वो भारत के नागरिकों की सूझबूझ का आकलन नहीं कर पाते। सच्चाई ये है कि बीजेपी चुनाव जीतने की मशीन नहीं, देश और देशवासियों का दिल जीतने वाला एक अनवरत-अविरल अभियान है। केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हमारे कार्यकर्ताओं को धमकियां दी जाती हैं, उन पर और उनके परिवार पर हमले होते हैं।

देश के लिए जीना-मरना, एक विचारधारा को लेकर अड़े रहना, ये भाजपा के कार्यकर्ता की विशेषता है। वहीं वंशवाद और परिवारवाद का हश्र भी 21वीं सदी का भारत देख रहा है। पीएम मोदी के मुताबिक आज गलत नरैटिव बनाए जाते हैं- कभी सीएए को लेकर, कभी कृषि कानूनों को लेकर, कभी लेबर लॉ को लेकर, बीजेपी के प्रत्येक कार्यकर्ता को समझना होगा कि इसके पीछे सोची-समझी राजनीति है, ये एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है। इसका मकसद है देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना है।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की स्थापना 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा भारतीय जनसंघ के रूप में की गई थी। बाद में 1977 में जनता पार्टी बनाने के लिए इसे कई दलों के साथ मिला दिया गया। 1980 में, जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद ने अपने सदस्यों को पार्टी और आरएसएस के ‘दोहरे सदस्य’ होने से प्रतिबंधित कर दिया। नतीजतन, पूर्व जनसंघ के सदस्यों ने पार्टी छोड़ दी और एक नई राजनीतिक पार्टी बनाई। इस प्रकार, बीजेपी 6 अप्रैल, 1980 को अस्तित्व में आई।

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