मध्यप्रदेश उपचुनाव: भाजपा ने की 28 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 07-10-2020 / 10:54 AM
  • Update Date: 07-10-2020 / 10:54 AM

भोपाल। भाजपा ने मध्य प्रदेश उपचुनाव के लिए सभी 28 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। भाजपा ने कांग्रेस एवं विधानसभा से इस्तीफा देकर उसमें शामिल होने वाले सभी 25 नेताओं को उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों से टिकट दिया है, जिनका वे पूर्व में कांग्रेस विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

इनमें से अधिकांश पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं। जिन 28 नेताओं को टिकट मिली है, उनमें से 14 वर्तमान में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा नीत सरकार में मंत्री हैं। भाजपा ने तुलसीराम सिलावट को सांवेर से तथा इमरती देवी को डबरा विधानसभा से अपना उम्मीदवार बनाया है। मलेहरा से प्रद्युम्न सिंह लोधी को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है।

पार्टी द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि अध्यक्ष जे पी नड्डा की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इन नामों को स्वीकृति दी गई। इसके मुताबिक जौरा से सूबेदार सिंह रजौधा, सुमाबली से एदल सिंह कंसाना, मुरैना से रघुराज सिंह कंसाना, दिमनी से गिरिराज डंडौतिया, अम्बाह से कमलेश जाटव, मेहगांव से ओपीएस भदौरिया, गोहद से रणवीर सिंह जाटव।

ग्वालियर से प्रद्युम्न सिंह तोमर, ग्वालियर पूर्व से मुन्ना लाल गोयल, भांडेर से रक्षा संतराम सरोनिया, करेरा से जसमंत जाटव छितरी, पोहरी से सुरेश धाकड़, बामोरी से महेंद्र सिंह सिसौदिया और अशोकनगर से जजपाल सिंह जज्जी को पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है. मुंगावली से पार्टी ने बृजेन्द्र सिंह यादव, सुर्खी से गोविंद सिंह राजपूत तथा अनूपपुर से बिसाहुलाल साहू को उम्मीदवार बनाया गया है।

सांची विधानसभा सीट से पार्टी ने प्रभुराम चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि ब्यावरा से नारायाण सिंह पवार पर भरोसा जताया है। आगर से मनोज ऊंटवाल, हाटपिपल्या से मनोज चौधरी, मंधाता से नारायण पटेल, नेपानगर से सुमित्रा देवी कासडेकर, बदनावर से राजवर्धन सिंह, सुवासरा से हरदीप सिंह डांग और दुब्बक से एम रघुनंदन राव को पार्टी ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

जिन 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 25 सीटें कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देकर भाजपा में आने से खाली हुई हैं, जबकि दो सीटें कांग्रेस के विधायकों के निधन से और एक सीट भाजपा विधायक के निधन से रिक्त है। कांग्रेस भी इन 28 सीटों में से ब्यावरा को छोड़कर 27 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के 22 विधायकों के त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी, जिसके कारण कमलनाथ ने 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। फिर 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनी। इसके बाद कांग्रेस के तीन अन्य विधायक भी कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए हैं।

प्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में से वर्तमान में भाजपा के 107 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 88, चार निर्दलीय, दो बसपा एवं एक सपा का विधायक है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भी इन 28 सीटों में से 18 सीटों पर अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। इस उपचुनाव में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया की साख भी दांव पर लगी है। जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं उनमें 16 सीटें सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की हैं।

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