सिगरेट पीने वालों के लिए बुरी खबर

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 04-07-2018 / 10:24 PM
  • Update Date: 04-07-2018 / 10:24 PM

सिगरेट पीने वालों के लिए एक बुरी खबर है। एक नए अध्ययन खुलासा हुआ है कि सिगरेट पीने वालों को अगर हड्डी का इलाज कराना पड़े तो काफी मुश्किलें आती है। साथ ही उनकी हड्डी को ठीक होने में लंबा समय लग सकता है। यह समस्या बुजुर्गो और महिलाओं में ज्यादा पाई जाती है।

हर हफ्ते हो जाती है हजारों मौत
आंकड़े बताते हैं कि तंबाकू का लंबे समय तक उपयोग करने के कारण हर सप्ताह 13,000 से अधिक भारतीय पुरुष और 4,000 महिलाओं की मौत हो जाती है। धूम्रपान स्पष्ट रूप से एक जन-स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में युवकों और युवतियों को इस लत से बचाने के उपायों पर एक बार फिर से विचार करने की जरूरत है। खासकर वे युवा, जो धूम्रपान के दुष्प्रभावों के लिए विशेष रूप से संवेदनशील हैं।

धूम्रपान छोड़ने से लुक्‍स में आता है सुधार
एचसीएफआई के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के. के. अग्रवाल ने कहा, इस लत को किसी भी समय छोड़ देने से दिल की बीमारी और फेफड़ों के कैंसर से मरने का भय कम हो जाता है। धूम्रपान छोड़ने से ऑस्टियोपोरोसिस की संभावना भी कम हो जाती है। धूम्रपान छोड़ने से व्यक्ति के चेहरे पर रौनक लौटने लगती है और पुरुषों एवं महिलाओं दोनों के लुक्स में सुधार होता है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए जो पांच कदम जरूरी हैं, उन्हें अंग्रेजी के स्टार्ट शब्द से याद रखा जा सकता है, जहां एस अक्षर का अर्थ है धूम्रपान छोड़ने की तारीख सैट करना, टी का मतलब है परिवार के सदस्यों, दोस्तों और लोगों को बताना या टैलिंग कि आप सिगरेट छोड़ रहे हैं। ए का अर्थ है निकोटीन छोड़ने से पैदा होने वाले मुश्किल समय को एंटीसिपेट करना यानी उसकी कल्पना करना, आर का अर्थ है घर से तंबाकू के उत्पादों को रिमूव करना यानी हटाना, और अंतिम टी का अर्थ है टेकिंग हैल्प, यानी अपने व्यवहार, परामर्श और दवाओं के लिए डॉक्टर से मदद लेना।

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