आॅस्कर के लिए नाॉमिनेशन ना होने से निराश नहीं: राजामौली

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 26-09-2017 / 1:30 PM
  • Update Date: 26-09-2017 / 1:30 PM

मुंबई। एस. एस. राजामौली इस साल अपनी फिल्म ‘बाहुबली 2: द कनक्लूजन’ के आॅस्कर में शामिल न होने से निराश नहीं हैं। उनका कहना है कि उनका लक्ष्य कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाना और पुरस्कार जीतने के बजाय टीम के लिए पैसा बनाना है। राजामौली ने आगे कहा, ‘जब मैं फिल्म बनाता हूं तो कभी पुरस्कार के बारे में नहीं सोचता। यह मेरा लक्ष्य नहीं है।

मेरा पहला लक्ष्य खुद कहानी से संतुष्ट होना और फिर दर्शकों की अधिकतम संख्या तक पहुंचना है और उनके लिए पैसा कमाना, जिन्होंने इसमें अपनी जान लगाई है।’ उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए सबसे जरूरी है। अगर
पुरस्कार मिलता है, तो मैं खुश हूं। अगर नहीं तो भी मुझे कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि यह मेरे मानदंडों पर नहीं है।’

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनावी पृष्ठभूमि पर निर्मित हिंदी फिल्म ‘न्यूटन’ आॅस्कर में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्म के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में नामांकित की गई है। माना जा रहा है कि ‘बाहुबली 2: द कनक्लूजन’ भी इस दौड़ में थी। राजामौली ने ‘बाहुबली’ के निमार्ता के रूप में वैश्विक ख्याति प्राप्त की है। यह फिल्म 900 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई के साथ भारत की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बन गई है।

फिल्म में प्रभास, राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, राम्या कृष्णन, तमन्ना भाटिया और सत्यराज जैसे सितारे प्रमुख भूमिकाओं में थे। उन्होंने बताया कि उन्हें फिल्म की सफलता पर पूरा यकीन था लेकिन उत्तरी भारत में फिल्म की अपार लोकप्रियता ने उन्हें भी हैरत में डाल दिया था।

राजामौली ने आगे कहा, ‘दोनों फिल्मों (बाहुबली-1 और बाहुबली-2) का कुल बजट 150 करोड़ रुपये था। अगर हमें उम्मीद नहीं होती कि फिल्म इतना अच्छा परिणाम हासिल करेगी तो हम इसे बनाते ही नहीं।’ निर्देशक ने चुटीले अंदाज में कहा, ‘इन दोनों फिल्मों की सफलता के बाद देश के उत्तरी हिस्से में भी मैं अपनी निजता (प्राइवेसी) कुछ हद तक खो चुका हूं।’

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