बाबा रामदेव ने लॉन्च की कोरोना की नई दवा कोरोनिल

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 19-02-2021 / 5:18 PM
  • Update Date: 19-02-2021 / 5:18 PM

नई दिल्‍ली। भारत में कोरोना वायरस के नए मामलों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस के कुल 13,193 नए मामले सामने आए हैं। इसी के साथ कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में देशभर में विश्व का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान भी चलाया जा रहा है।

इसी बीच योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने कोरोना वायरस की नई दवा ‘कोरोनिल’ लॉन्च कर दी है। इस मौके पर बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय सड़क और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे।

इस नई दवा की घोषणा पर पतंजलि योगपीठ का कहना है कि कोरोना के उपचार में काम आने वाली दवा साक्ष्यों पर आधारित है। पिछले साल जून में पतंजलि ने दावा किया कि उसकी आयुर्वेदिक दवा कोरोना वायरस संक्रमण को ठीक कर सकती है। दावों पर कुछ विवादों के बाद पतंजलि के कोरोनिल किट को ‘प्रतिरक्षा बूस्टर’ के रूप में बाजार में पेश किया था।

इस आयोजन में स्वामी रामदेव ने कहा कि लोगों का मानना है कि शोध कार्य केवल पश्चिम में ही किया जा सकता है। खासकर जब बात आयुर्वेद की आती है, तो लोग शोध कार्यों को संदेह की दृष्टि से देखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महामारी के दौरान कोरोनिल ने लाखों लोगों को लाभान्वित किया है।

जून 2020 में पतंजलि आयुर्वेद ने ‘कोरोनिल और स्वसारी’ लॉन्च किया था, जिसका दावा था कि यह कोरोना वायरस के लिए पहला आयुर्वेदिक इलाज है, जोकि कोरोना वायरस या SARS-CoV-2 वायरस के कारण होने वाली सांस की बीमारी के लिए कारगर है।

हरिद्वार, उत्तराखंड में पतंजलि योगपीठ में तीन आयुर्वेदिक दवाओं की एक किट को लॉन्च करते हुए, योग गुरु रामदेव ने कहा कि उन्हें यह घोषणा करते हुए गर्व है कि पतंजलि अनुसंधान के संयुक्त प्रयासों से पहला आयुर्वेदिक, चिकित्सकीय नियंत्रित परीक्षण आधारित साक्ष्य और शोध-आधारित दवा तैयार की गई है।

रामदेव ने यह भी कहा था कि दवा ‘3-7 दिनों के भीतर 100 प्रतिशत वसूली दर’ प्रदान कर सकती है। रामदेव ने दवा लॉन्च करते समय सभी वैज्ञानिक प्रोटोकॉल वाले शोध पत्र को भी जारी किया, जो कोरोनिल के परीक्षणों के लिए था। उन्होंने कहा कि इनमें से नौ शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं, जबकि पंद्रह अन्य लाइन में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस लॉन्च का उद्देश्य योग और आयुर्वेद को रोगों के वैश्विक समाधान के रूप में स्थापित करना है।

Share This Article On :

BIG NEWS IN BRIEF