आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली जमानत

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 15-07-2019 / 3:41 PM
  • Update Date: 15-07-2019 / 3:41 PM

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सूरत रेप केस में आसाराम को एक बार फिर जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि पहले मुकदमे को पूरा करने की जरूरत है और गुजरात ट्रायल कोर्ट से मामले की सुनवाई पूरी करने को कहा है।

गुजरात सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति एन. वी. रमन की अध्यक्षता वाली पीठ को सूचित किया कि इस मामले की सुनवाई चल रही है और अब भी 10 गवाहों के बयान दर्ज होना बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणी से प्रभावित हुए बिना मामले का निपटारा करे।

पहले भी खारिज हुई याचिका
इससे पहले आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम ने सजा पर रोक लगाने के लिए याचिका दाखिल की थी जिसे 26 मार्च 2019 को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। आसाराम ने इससे पहले हाईकोर्ट में जमानत याचिका दी थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

बता दें कि आसाराम जोधपुर सेंट्रल जेल में बीते चार साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं। आसाराम को एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का दोषी ठहराया गया था। जिसके बाद जोधपुर की एक अदालत ने आसाराम के आश्रम में पांच साल पहले एक किशोरी के साथ बलात्कार के मामले में दोषी पाये जाने के बाद उन्हें 25 अप्रैल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

आसाराम पर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक नाबालिग से बलात्कार करने का आरोप था, जिसमें वो दोषी साबित हुए। यह लड़की मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रही थी। पीड़िता का आरोप है कि आसाराम ने जोधपुर के निकट मनई आश्रम में उसे बुलाया था और 15 अगस्त 2013 को उसके साथ दुष्कर्म किया था। आसाराम से इन आरोपों से इंकार किया है।

आसाराम को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और यौन अपराध बाल संरक्षण अधिनियम (पोस्को) के तहत दोषी ठहराया गया। वह यौन उत्पीड़न के दो मामलों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। एक मुकदमा यहां राजस्थान में चल रहा है, जबकि दूसरा गुजरात में चल रहा है।

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