म्यांमार में सेना ने किया तख्तापलट, आंग सान सू की और राष्ट्रपति हिरासत में

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 01-02-2021 / 6:24 PM
  • Update Date: 01-02-2021 / 6:25 PM

नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में तख्तापलट हो गया है। म्यांमार की सेना ने यहां की नेता आंग सान सू की और राष्ट्रपति विन म्यिंट समेत सत्ताधारी दल के कुछ नेताओं को हिरासत में ले लिया है। म्यांमार में पिछले कुछ समय से सरकार और सेना के बीच तनाव की खबरों के मध्य यह कदम उठाया गया।

इसके अलावा म्यांमार की सेना ने यहां एक साल की इमरजेंसी का ऐलान किया है। म्यांमार के सैन्य टेलीविजन के मुताबिक, सेना ने यहां एक साल के लिए नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। सेना के कमांडर इन चीफ मिन आंग ह्लाइंग के पास सत्ता रहेगी। यहां की सेना का कहना है कि चुनाव में धोखाधड़ी की वजह से ऐसा किया गया है। देश के अनेक हिस्सों में सेना तैनात की गई है, जिससे इस तख्तापलट का विरोध ना किया जा सके।

म्यांमार में तख्तापलट पर अमेरिका ने प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को चोट पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन पेस्की ने कहा, अमेरिका को इस बात की जानकारी मिली है कि म्यांमार की सेना ने स्टेट काउंसलर आंग सान सू की और अन्य अधिकारियों को हिरासत में लेने समेत देश की लोकतांत्रिक प्रतिक्रिया को कमजोर करने के लिए कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार द्वारा राष्ट्रपति बाइडेन को जानकारी दी गई है।

उन्होंने कहा कि हम म्यांमार की लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं और अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ संपर्क में हैं। हम सैना और अन्य सभी दलों से लोकतांत्रिक मानदंडों और कानून का पालन करने तथा हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने का आग्रह करते हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका हालिया चुनाव परिणामों को बदलने या म्यांमार की लोकतांत्रिक प्रतिक्रिया को बाधित करने के किसी भी तरह के प्रयास का विरोध करता है। इन कदमों को वापस नहीं लिया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और म्यांमार के लोगों के साथ खड़े हैं।

बता दें कि म्यांमार में पहले सेना का लंबे समय तक राज रहा है। 1962 से 2011 तक यहां सेना राज करती रही है। 2010 में यहां आम चुनाव हुए थे और पहली बार 2011 में जनता के चुने हुए प्रतिनिधि ने राज किया था।

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