राज्यसभा में बोले अमित शाह- कश्मीर में 5 अगस्त के बाद एक भी व्यक्ति की मौत पुलिस फायरिंग में नहीं हुई

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 20-11-2019 / 2:11 PM
  • Update Date: 20-11-2019 / 2:11 PM

नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है। बुधवार को राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कश्मीर में हालात बिल्कुल सामान्य हैं। उन्होंने एनीसीपी सांसद माजिद मेमन के सवाल पर सदन में विस्तृत आंकड़ों के साथ दावा किया कि कश्मीर में जनजीवन पूरी तरह पटरी पर है। वहां सभी स्कूल, अस्पताल, अदालत से लेकर सारे सरकारी दफ्तर सुचारू रूप से काम कर रहे हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि इसी सदन में कहा गया था कि विशेष राज्य का दर्जा छिनने के बाद जम्मू-कश्मीर में खून की नदियां बहेंगी, लेकिन आज हमें यह बताने में आनंद हो रहा है कि 5 अगस्त के बाद से अब तक पुलिस फायरिंग में वहां एक भी नागरिक की जान नहीं गई है। गृह मंत्री ने कहा जहां तक बात इंटरनेट सर्विस की है तो वक्त आने पर यह बहाल हो जाएगी, फिलहाल आवश्यक कार्यों के लिए 10 जिलों में टर्मिनल्स काम कर रहे हैं।

सदन में मेमन से पहले कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद और पीडीपी सांसद नजीर अहमद लवाय ने भी जम्मू-कश्मीर में शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति पर सवाल किए। लवाय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में दवाइयों की कमी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार इसकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाएगी? इस पर गृह मंत्री ने कहा कि प्रदेश में दवाइयों की कोई कमी नहीं है और वहां सभी अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्र खुले हैं।

गृह मंत्री ने बताया, दवाइयों की मोबाइल वैन का भी संचालन हो रहा है। श्रीनगर शहर के अस्पतालों के ओपीडी में सितंबर महीने में 60 लाख 67 हजार जबकि अक्टूबर महीने में 60 लाख 91 हजार मरीजों का इलाज हुआ। गृह मंत्री ने कहा कि अगर किसी को भी किसी इलाके में स्वास्थ्य सुविधा में कोई कमी का पता चलता है तो वह सीधे उन्हें (शाह को) बता सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होगी। गृह मंत्री के आश्वासन पर पीडीपी सांसद ने भी मेज थपथपाकर धन्यवाद दिया।

गृहमंत्री ने कहा कि कश्मीर में पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, एलपीजी और चावल उपलब्ध है। 22 लाख मीट्रिक टन सेब उत्पादन की उम्मीद है। सभी लैंडलाइन फोन चालू हैं। दुकानें लगातार खुल रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि इंटरनेट आज के लिए बहुत जरूरी है, जल्द चालू होना चाहिए पूरे देश मे 1995 -96 से मोबाइल शुरू हुआ। 2003 में भाजपा सरकार ने कश्मीर में शुरू किया। 2002 से इंटरनेट का परमिशन था लेकिन बाद में शुरू हुआ। जब सुरक्षा और आतंकवाद का सवाल है तो हमें भी नागरिकों की सुरक्षा के बारे में सोचना होगा। जैसे प्रशासन कहेगा इंटरनेट चालू हो जाएगा।

उन्होंने विपक्ष के हालात कब तक सामान्य होंगे के सवाल पर कहा कि कश्मीर में हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। पेट्रोल-डीजल की खपत में 16% तक की वृद्धि दर्ज की गई है। सेब की फसल सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 5 अगस्त के बाद पत्थरबाजी की घटनाओं में काफी कमी आई है और इस दौरान किसी आम नागरिक के ऊपर गोली नहीं चली है।

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