लोकसभा में बोले अमित शाह- पीओके भारत का हिस्सा, हम इसके लिए जान भी दे देंगे

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 06-08-2019 / 3:42 PM
  • Update Date: 06-08-2019 / 3:42 PM

नई दिल्ली। अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर को दो टुकड़ों में बांटकर उन्हें केंद्रशासित प्रदेश करने के मोदी सरकार के फैसले पर लोकसभा में संग्राम छिड़ा हुआ है। गृहमंत्री अमित शाह ने आज अनुच्छेद 370 को हटाने वाले विधेयक को लोकसभा में पेश किया।

अमित शाह ने संकल्प पेश करते हुए कहा कि भारत के राष्ट्रपति यह घोषणा करते है उनके आदेश के बाद अनुच्छेद 370 के सभी प्रावधान जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान जम्मू कश्मीर राज्य का पुनर्गठन विधेयक को विचार के लिए रखा जाए, जिसे राज्यसभा की मंजूरी बिल चुकी है। अमित शाह ने कहा कि राज्यसभा के बाद इस विधेयक को यहां लाया गया है। साथ ही उन्होंने जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल को भी विचार के लिए सदन में रखा।

पीओके के लिए जान दे देंगे
लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर चर्चा करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा।अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, भारत का अभिन्न अंग है। जब भी मैं जम्मू-कश्मीर कहता हूं तो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और अक्साई चीन भी इसके अंदर आता है। क्या कांग्रेस पीओके को भारत का हिस्सा नहीं मानती है। हम इसके लिए जान दे देंगे।

जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है
अमित शाह ने अधीर रंजन के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि 1948 में यह मामला UN में पहुंचाया गया था। फिर इंदिराजी ने शिमला करार में भी इसका जिक्र किया। अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है इस पर कोई कानूनी या संवैधानिक विवाद नहीं है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर ने भी इसे स्वीकार किया है। शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 (C) में इस बात का जिक्र भी है। जम्मू-कश्मीर पर कानून बनाने के लिए यह संसद पूरी तरह सक्षम है। हम राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह संकल्प लेकर आए हैं।

बैकफुट पर आए अधीर रंजन चौधरी
लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा सरकार पर आरोप लगाया कि रातों-रात नियम-कानून का उल्लंघन करके जम्मू-कश्मीर को तोड़ा गया है। उन्होंने कहा, ’22 फरवरी, 1994 में इस सदन में जम्मू-कश्मीर को लेकर एक संकल्प लिया गया था। लेकिन, आप पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के बारे में सोच रहे हैं, ऐसा नहीं लगता है। आपने रातों-रात नियम-कानूनों का उल्लंघन करके एक स्टेट को दो टुकड़े करके संघशासित प्रदेश बना दिए।

दोबारा घिरे कांग्रेस सांसद
इस पर शाह ने स्पष्ट करने को कहा कि कौन सा नियम-कानून तोड़ा गया। उन्होंने कहा, देश की सबसे बड़ी पंचायत में इस तरह जनरल बातें नहीं होनी चाहिए। कौन सा नियम तोड़ा, यह बताया जाए, मैं उसका उत्तर दूंगा। फिर कांग्रेस सासंद ने कहा कि आपने कहा कि कश्मीर आंतरिक मामला है, लेकिन 1948 से संयुक्त राष्ट्र की नजर यहां पर बनी हुई है।

अधीर के इस बयान को बीच में काटते हुए गृह मंत्री ने कहा पूछा कि क्या कांग्रेस का यह स्टैंड है कि यूनाइटेड नेशन कश्मीर को मॉनिटर कर सकता है? इस पर कांग्रेस सांसद फिर से बैकफुट पर आ गए और कहा कि वह सिर्फ स्पष्टीकरण चाहते हैं। वह सिर्फ जानना चाहते हैं कि स्थिति क्या है?

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